संताल एक्सप्रेस संवाददाता
पाकुड़। काम दिलाने का झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाए जा रहे आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के चार नाबालिग बच्चों को बोकारो में सुरक्षित बरामद किए जाने के बाद पाकुड़ लाया गया। बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया बाल कल्याण समिति के कार्यालय में शुरू की गई। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दो बच्चों को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि दो अन्य बच्चों के कागजात पूरे नहीं होने के कारण उनकी पहचान और पारिवारिक विवरण की जांच जारी है।बाल कल्याण समिति के सदस्य विनोद प्रमाणिक ने बताया कि चारों बच्चे पाकुड़ जिले के रहने वाले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति उन्हें केरल में काम दिलाने का झांसा देकर बाहर ले जा रहा था। बोकारो में इसकी जानकारी मिलने पर वहां की बाल कल्याण समिति ने हस्तक्षेप करते हुए चारों बच्चों को सुरक्षित बचाया। मामले में बच्चों को ले जा रहे व्यक्ति को भी पकड़ा गया। इसके बाद जिला प्रशासन के सहयोग से बच्चों को पाकुड़ लाया गया।पाकुड़ पहुंचने के बाद बाल कल्याण समिति ने बच्चों के दस्तावेज, परिवार और स्थानीय पते से संबंधित जानकारी का सत्यापन शुरू किया। जांच में दो बच्चों के दस्तावेज सही पाए जाने पर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, दो बच्चों के दस्तावेज अधूरे मिलने के कारण समिति की ओर से सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद उन्हें भी परिजनों के सुपुर्द करने की तैयारी है। इस दौरान समिति की सदस्य रंजन श्रीवास्तव और सलमा जहां मौजूद रहीं।


