यदि समय रहते समस्या हल न की जाएं, तो बड़ी घटनाओं का रूप ले सकती हैं:आईजी
देवघर। झारखंड पुलिस द्वारा मंगलवार को देवघर के रामकृष्ण मिशन स्कूल में जन शिकायत एवं समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रशिक्षु आईजी ए. विजया लक्ष्मी, रामकृष्ण मिशन स्कूल के सचिन स्वामी जयंतानंद और पुलिस अधीक्षक अजीत पीटर डुंगडुंग,एसडीपीओ ऋत्विक श्रीवास्तव के अलावे अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। इस मौके पर आईजी ट्रेनिंग अनेप्पू विजयलक्ष्मी ने कहा कि छोटी-छोटी शिकायतें यदि समय रहते हल न की जाएं, तो बड़ी घटनाओं का रूप ले सकती हैं। इसलिए ऑन द स्पॉट समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
शिकायतों का त्वरित समाधान और सख्त निर्देश:
कार्यक्रम के दौरान कुल 37 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। प्रशिक्षु आईजी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों की तुरंत जांच कर समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो वरीय अधिकारी मामले की जांच करेंगे। साथ ही जन शिकायत समाधान कोषांग का संपर्क नंबर (9241821642) और ई-मेल आईडी (janshikayat-deoghar@jhpolice.gov.in) सार्वजनिक रूप से साझा किया गया, ताकि नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान:
उक्त कार्यक्रम में गुमशुदा बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। नागरिकों को ज़ीरो एफआईआर, ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की प्रणाली, और डायल-112 व डायल-1930 (साइबर अपराध) के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा, एससी/एसटी अत्याचार निवारण, संपत्ति अपराध, साइबर अपराध, मानव तस्करी, डायन प्रताड़ना, और नशीले पदार्थों की रोकथाम से संबंधित मामलों पर भी जानकारी दी गई।
नागरिक सुरक्षा और सामुदायिक पहल:-
प्रशिक्षु आईजी ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और नागरिक सुरक्षा समितियों का गठन करें। उन्होंने असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और पुलिस को तुरंत सूचित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कई पहल की गईं, ताकि नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान हो सके और पुलिस पर भरोसा बढ़े।


