मेरठ । मेरठ के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मृत्युदंड पाने वाली मुस्कान ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का फैसला किया है। मेरठ कोर्ट द्वारा अपने प्रेमी साहिल के साथ हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद मुस्कान ने जेल अधीक्षक से कानूनी सहायता और अपील प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी। बताया गया है कि सजा सुनाए जाने के बाद रात भर मुस्कान अपनी 11 माह की बेटी राधा को सीने से लगाकर रोती रही।
एक ओर जहां मुस्कान के परिजनों ने बेटी से पल्ला झाड़ते हुए सजा को उसके कर्मों का फल बताया है, वहीं मृतक सौरभ के परिवार ने दोषियों का सुप्रीम कोर्ट तक पीछा न छोड़ने की बात कही है। जेल प्रशासन शुक्रवार को सजा के आदेश की प्रति के लिए कोर्ट को पत्र भेजेगा, क्योंकि हाईकोर्ट में एक माह के भीतर अपील करना अनिवार्य है।
अदालत ने मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड देकर अपराध को विरल से विरलतम श्रेणी का माना है। कोर्ट के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ के विश्वास को बड़ी बेरहमी से कुचला और पति का एक क्रूर मौत का शिकार बनना पड़ा। फैसले में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों में किसी भी प्रकार का पश्चाताप या सुधार की संभावना नहीं दिखी। डेढ़ साल से जेल में बंद रहने के दौरान न साहिल ने अपने पिता से मिलने में रुचि दिखाई और न ही मुस्कान ने अपनी बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जाहिर की। उनके परिवारों का कोई सदस्य भी उनसे मिलने नहीं आया, जिससे उनके असामान्य व्यवहार की पुष्टि हुई।
मेरठ कोर्ट ने माना कि शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य छिपाने का तरीका इतना चौंकाने वाला था कि उसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया। नीला ड्रम पारिवारिक रिश्तों में आतंक का पर्याय बन गया, जिससे युवा मनों में विवाद के प्रति एक अज्ञात भय उत्पन्न हुआ। फैसले में महाभारत के एक श्लोक का हवाला देकर राजा द्वारा दंड में रुचि रखने पर धर्म के बचे रहने की बात भी कही गई।


