विनायक आर्ट गैलरी के कलाकार मार्कण्डेय जजवाड़े ‘पुटरू दा’ 14 वर्षों से बिग बाजार में हर साल नई थीम पर बना रहे हैं मां का भव्य दरबार
रामा कान्त मालवीय
देवघर :- दुर्गापूजा के पावन अवसर पर देवघर के बिग बाजार में मां दुर्गा का एक अनोखा और आकर्षक दरबार सजाया गया है। कलात्मकता, रचनात्मकता और श्रद्धा के अनूठे संगम से तैयार इस दरबार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस तरह का अनूठा दरबार पूरे देवघर जिले ही नहीं, बल्कि संताल परगना में भी अपनी अलग पहचान रखता है। इस भव्य दरबार को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा है। इसे थर्मोकोल और वॉल पुट्टी जैसी सामग्रियों से आकर्षक स्वरूप दिया गया है। मां दुर्गा के इस विशेष दरबार का निर्माण विनायक आर्ट गैलरी के संचालक एवं कलाकार मार्कण्डेय जजवाड़े,जिन्हें लोग प्यार से ‘पुटरू दा’ कहते हैं, ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ मिलकर किया है। इस कार्य में देवघर के कला निकेतन (विनायक आर्ट गैलरी) के कला विद्यार्थियों और अन्य सहयोगी कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा मधुसूदन फलाहारी जी का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
14 वर्षों से हर साल नई थीम पर सज रहा है मां का दरबार
बिग बाजार में मां दुर्गा के दरबार को सजाने की यह परंपरा पिछले 14 वर्षों से लगातार जारी है। हर वर्ष नई थीम और अलग-अलग कलात्मक अवधारणा के साथ दरबार तैयार किया जाता है। कलाकार मार्कण्डेय जजवाड़े और उनकी टीम मां दुर्गा की आराधना को कला के माध्यम से विशेष रूप देने का प्रयास करती है। इस आयोजन में कलाकारों की कल्पनाशीलता, मेहनत और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कलात्मकता और भक्ति का अनूठा संगम
दरबार के निर्माण में थर्मोकोल और वॉल पुट्टी का उपयोग कर विभिन्न सजावटी आकृतियों और कलात्मक संरचनाओं को आकार दिया गया है। करीब एक महीने तक चली तैयारी में कलाकारों ने बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया, ताकि मां दुर्गा का दरबार आकर्षक और भव्य दिखाई दे। इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और कला विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है। मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा, सामूहिक सहयोग और कलात्मक कौशल से तैयार यह दरबार दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल को और खास बना रहा है। हर वर्ष नई थीम के साथ दरबार सजाने की परंपरा ने इसे देवघर के दुर्गापूजा आयोजनों में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
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गुरुजी के मार्गदर्शन में निखर रही रचनात्मकता, फोम से तैयार किया मां दुर्गा का आकर्षक फोटो फ्रेम
कला और रचनात्मकता के क्षेत्र में निरंतर नए प्रयोग सीखने का अवसर विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ कुछ अलग करने की प्रेरणा देता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी मां दुर्गा के दरबार को आकर्षक रूप देने के लिए फोम के माध्यम से मां दुर्गा को सुंदर फोटो फ्रेम के रूप में प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयोग किया गया। यह अनुभव कलाकारों और कला विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपनी कल्पनाशीलता को आकार देने तथा कलात्मक कौशल को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर बना।
इस संबंध में कला विद्यार्थी वैष्णवी राज ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उन्हें बहुत कुछ नया सीखने को मिला। इस बार फोम के माध्यम से मां दुर्गा को सुंदर फोटो फ्रेम के रूप में प्रस्तुत करना उनके लिए एक अलग और यादगार अनुभव रहा। इस रचनात्मक कार्य के दौरान कला की बारीकियों को समझने, नई तकनीक सीखने और अपनी कल्पनाओं को साकार करने का अवसर मिला। वैष्णवी राज ने कहा कि गुरुजी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से उनकी रचनात्मकता में लगातार निखार आ रहा है। उनके मार्गदर्शन में हर वर्ष कुछ नया सीखने और अपनी कला को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस अनुभव को अपनी कलात्मक यात्रा का एक सुंदर हिस्सा बताते हुए कहा कि सीखने की यह प्रक्रिया उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
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गुरु के मार्गदर्शन में हर वर्ष कुछ नया सीखने का मिलता है अवसर :-प्राची प्रिया
कला केवल कल्पनाओं को आकार देने का माध्यम नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, नए प्रयोग करने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने की एक सुंदर यात्रा भी है। इसी भावना के साथ गुरु पुटरू सर के मार्गदर्शन में हर वर्ष देवघर के बिग बाजार में तैयार की जाने वाली अनूठी कलाकृतियों में सहयोग करने का अवसर मिलता है। इन कलाकृतियों के निर्माण के दौरान विद्यार्थियों को अपनी कला को नए आयाम देने और विभिन्न तकनीकों को सीखने का अनुभव प्राप्त होता है।
इस संबंध में कला विद्यार्थी प्राची प्रिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन में हर वर्ष कुछ अलग और नया सीखने का अवसर मिलता है। कभी प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां बनाई जाती हैं, तो कभी थर्मोकोल जैसी सामग्रियों के माध्यम से कल्पनाओं को सुंदर और अनोखा स्वरूप दिया जाता है। इन प्रयोगों से कला के विविध रूपों को समझने और अपनी रचनात्मक सोच को विकसित करने में मदद मिलती है।
प्राची प्रिया ने कहा कि प्रत्येक वर्ष नई थीम और नई अवधारणा पर काम करना अपने आप में एक विशेष अनुभव होता है। इससे न केवल कलात्मक कौशल में सुधार होता है, बल्कि टीम के साथ मिलकर काम करने, नई तकनीक सीखने और अपनी कल्पनाशीलता को साकार करने का भी अवसर मिलता है। गुरु पुटरू सर के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में कला की यह सीखने की यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और हर वर्ष कुछ नया करने की प्रेरणा दे रही है।
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बिग बाजार दुर्गा पूजा पंडाल में कलाकृतियों पर काम करना रहा खास अनुभव : राज नंदनी
देवघर। कला के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए इस वर्ष बिग बाजार दुर्गा पूजा पंडाल में कलाकृतियों को आकार देने का अवसर मेरे लिए बेहद खास और यादगार अनुभव रहा। गुरु के मार्गदर्शन में थर्मोकोल से तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियों पर काम करते हुए कला की बारीकियों, तकनीकों और रचनात्मकता के कई नए आयाम सीखने को मिले। इस कार्य के दौरान गुरु के अनुभव और उनके मार्गदर्शन से कलाकृतियों को सुंदर एवं आकर्षक स्वरूप देने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला। थर्मोकोल जैसी सामग्री के माध्यम से कल्पनाओं को वास्तविक रूप देना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण, लेकिन बेहद रोचक अनुभव रहा। इस पूरी प्रक्रिया में टीम के साथ मिलकर काम करने से सहयोग, समर्पण और सामूहिक रचनात्मकता का महत्व भी समझ में आया।
राज नंदनी ने कहा कि इस तरह के कलात्मक कार्यों से न केवल अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है, बल्कि नई तकनीकों को सीखकर कला के प्रति रुचि और उत्साह भी बढ़ता है। बिग बाजार दुर्गा पूजा पंडाल में मिला यह अनुभव उनके लिए भविष्य में और बेहतर कलात्मक कार्य करने की प्रेरणा बनेगा।
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बिग बाजार दुर्गा पूजा आयोजन से मिली एकता, अनुशासन और टीमवर्क की सीख : माही कुमारी

देवघर:बिग बाजार, देवघर में आयोजित दुर्गा पूजा में शामिल होकर हमें कई महत्वपूर्ण बातें सीखने का अवसर मिला। इस आयोजन ने एकता, अनुशासन, समर्पण, टीमवर्क और आपसी सहयोग के महत्व को समझने का मौका दिया। हमने सीखा कि जब सभी लोग मिल-जुलकर किसी कार्य को पूरा करने का प्रयास करते हैं, तो बड़ी से बड़ी चुनौती भी आसान हो जाती है। माही कुमारी ने कहा कि दुर्गा पूजा का यह आयोजन हमारी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था को करीब से जानने का माध्यम बना। इसके साथ ही, इस आयोजन ने जिम्मेदारी निभाने, दूसरों की मदद करने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने की प्रेरणा भी दी।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को मिल-जुलकर काम करने, एक-दूसरे का सम्मान करने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने की सीख मिलती है। माही कुमारी ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी सभी लोग इसी तरह एकजुट होकर अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में योगदान देते रहेंगे।
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थर्मोकोल और वॉल पुट्टी से रची आकर्षक कलाकृति : मार्कण्डेय जजवाड़े
दुर्गा पूजा के अवसर पर बिग बाजार, देवघर में मां दुर्गा का भव्य और अनोखा दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विनायक आर्ट गैलरी के संचालक मार्कण्डेय जजवाड़े उर्फ पुटरू अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मक सोच से पिछले 14 वर्षों से बिग बाजार में अलग-अलग थीम पर आकर्षक सजावट करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने करीब एक महीने की कड़ी मेहनत से थर्मोकोल और वॉल पुट्टी की मदद से मां दुर्गा का मनमोहक दरबार तैयार किया है। कलाकृति की बारीकियों, आकर्षक बनावट और अनूठी सजावट के कारण यह पंडाल लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है।
मार्कण्डेय जजवाड़े के मार्गदर्शन में इस कलात्मक कार्य को पूरा करने में सहयोगियों और कला विद्यार्थियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पारंपरिक आस्था और आधुनिक कलात्मक कल्पना का सुंदर मेल इस दरबार को विशिष्ट बनाता है। मां दुर्गा के इस अनोखे दरबार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह कलाकृति देवघर जिले में दुर्गा पूजा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।


