अयोध्या । राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर आठों आरोपियों के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट में 7 हजार पन्नों से अधिक की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। विवेचक बुधवार सुबह बड़े-बड़े बक्सों में चार्जशीट लेकर कोर्ट पहुंचे, जिसमें आरोप पत्र के साथ-साथ बैंक स्टेटमेंट और बैंक की जमा पर्चियां भी मौजूद थीं। इस चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा का नाम न होने पर मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने गहरी नाराजगी और असंतोष जताया है।
दाखिल की गई इस चार्जशीट में कुल 173 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और इसमें 105 बार चोरी होने का जिक्र किया गया है। इसके अलावा, रिकॉर्ड की गई जांच में 803 चीजों का रिकॉर्ड पूरी तरह सही पाया गया है, जबकि 86 कीमती चीजों की रसीद नहीं मिल सकी है। पुलिस द्वारा आरोपियों के पास से कार, गहने और 79.85 लाख रुपये नकद बरामदगी का भी चार्जशीट में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को जानकारी दी थी कि एसआईटी इस मामले में आरोपपत्र दाखिल करेगी।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने मीडिया और सोशल मीडिया पर मूल्यवान चढ़ावे से संबंधित लगाए गए सभी आरोपों का गहन सत्यापन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि मंदिर के तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के गिनती कक्ष के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि गिनती प्रक्रिया में शामिल कुछ लोगों की मिलीभगत से कक्ष से नकदी को अनधिकृत रूप से निकालने या छिपाने के 105 मामले सामने आए थे।
चार्जशीट और एसआईटी की रिपोर्ट में कुल आठ आरोपियों की पहचान की गई है, तथा उनके बैंक खातों में जमा उस रकम का पूरा ब्यौरा दिया गया है जिसका कोई स्पष्ट स्रोत नहीं मिल सका है। इसके साथ ही, उन सभी चल और अचल संपत्तियों की जानकारी भी सार्वजनिक की गई है जिनमें चोरी का अवैध पैसा लगाया गया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अधिवक्ताओं द्वारा नाम शामिल न किए जाने पर लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।


