दक्षिण-पश्चिम मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत
कम दबाव का क्षेत्र जमीन की ओर बढ़ा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बंगाल और झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में जमीन की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से सितंबर की शुरुआत में पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के आखिरी महीने सितंबर में भी देश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर तटीय ओडिशा से लगे इलाकों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते ओडिशा, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की आशंका
आईएमडी ने गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसी समय ओडिशा के कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी से बेहद भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने के बावजूद पूर्वी और मध्य भारत में बारिश तुरंत खत्म होने के संकेत नहीं हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भी बारिश
कम दबाव के क्षेत्र के साथ मानसून ट्रफ की सक्रियता का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। आईएमडी के अनुसार, 5 सितंबर तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से बिखरी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सितंबर की शुरुआत तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में फिलहाल मानसून की वापसी के स्पष्ट संकेत नहीं हैं। सितंबर के शुरुआती दिनों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है, हालांकि सभी क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी।
सितंबर में भी सक्रिय रह सकता है मानसून
सितंबर दक्षिण-पश्चिम मानसून का आखिरी महीना होता है और इस दौरान आमतौर पर मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे बदलने लगती है। हालांकि, मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां संकेत दे रही हैं कि पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल मानसून ट्रफ अमृतसर से उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लगे कम दबाव के क्षेत्र तक फैली हुई है। ऐसे में सितंबर की शुरुआत कई राज्यों में बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि, पूरे देश में बारिश का वितरण समान नहीं रहेगा और कुछ इलाकों में मानसूनी गतिविधियां सीमित भी रह सकती हैं।


