नई दिल्ली । वजन बढ़ने का संबंध सिर्फ रोटी या किसी एक खाद्य पदार्थ की मात्रा से नहीं, बल्कि पूरे दिन के खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और जीवनशैली से होता है। दिनभर के भोजन में अगर आप सिर्फ दो रोटी खाते हैं और इसके बावजूद आपका वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसके लिए केवल रोटी को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। कई बार कम खाना खाने का दावा करने वाले लोग अनजाने में ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जिनसे शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलती रहती है। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह हो सकते हैं।
चिप्स, बिस्किट, नमकीन, फास्ट फूड, मीठे सीरियल और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों में कैलोरी अधिक होती है, जबकि प्रोटीन और फाइबर अपेक्षाकृत कम हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस नहीं कराते, जिससे बार-बार खाने की इच्छा हो सकती है। इसके अलावा चाय, कॉफी में ज्यादा चीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक और अन्य मीठे पेय भी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंचा सकते हैं। दिनभर शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहना भी वजन बढ़ने का महत्वपूर्ण कारण है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, घर आने के बाद टीवी या मोबाइल के सामने समय बिताना और पैदल चलने-फिरने की आदत कम होना शरीर की कैलोरी खर्च करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए भोजन में कटौती करने के साथ नियमित रूप से टहलना, सीढ़ियों का उपयोग करना और हर कुछ समय बाद बैठने से ब्रेक लेना उपयोगी हो सकता है।
वजन कम करने के लिए बहुत सख्त डाइट अपनाना भी हमेशा कारगर नहीं होता। कई लोग कुछ समय के लिए बहुत कम खाना खाते हैं, जिससे वजन घटता है, लेकिन बाद में सामान्य खान-पान शुरू करते ही वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसे यो-यो डाइटिंग कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक अपनाई जा सकने वाली संतुलित जीवनशैली अधिक उपयोगी होती है। पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना भी वजन को प्रभावित कर सकता है। कम या खराब गुणवत्ता वाली नींद से भूख और खाने की आदतों में बदलाव आ सकता है।
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