रांची । झारखंड हाइकोर्ट ने साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना पूरी होने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इस संबंध में राज्य सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई में साहिबगंज में पेयजल आपूर्ति के संबंध में प्रगति रिपोर्ट मांगी है। खंडपीठ ने मौखिक कहा कि चाहे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हो या चीफ इंजीनियर या इंजीनियर इन चीफ या फिर ठेकेदार हो जिनके कारण साहिबगंज में जलापूर्ति योजना पूरी नहीं हो पाई है उन पर कार्रवाई करें। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया गया कि गलत शपथ पत्र दाखिल करने वाले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने मौखिक कहा कि पानी लोगों की मूलभूत जरूरत होती है इसके बिना सामाजिक दायित्व पूरा होना असंभव है। गुड गवर्नेस के तहत राज्य सरकार को प्राथमिकता के आधार पर साहिबगंज हो या पाकुड़ हो या मेदिनीनगर हो, यहां के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना होगा। पलामू गढ़वा में भी कनहर बराज का निर्माण नहीं होने के कारण वहां के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सचिव की भी जिम्मेदारी होती है कि वह राज्य के लोगों की पेयजल उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे पर संवेदनशील रहे। इससे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि साहिबगंज में पेयजलापूर्ति योजना के लिए रेलवे से एनओसी मिल चुका है, तीन माह में साहिबगंज में पेयजल योजना में काफी प्रोग्रेस नजर आने लगेगा। कई जगहों पर पाइपलाइन भी बढ़ा दिया गया है, पाइपलाइन का कुछ काम बचा हुआ है जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. खंडपीठ ने राज्य सरकार से मौखिक कहा कि साहिबगंज में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकार को और 210 दिन नहीं दिया जाएगा। साहिबगंज के लोगों को पानी दिलाने के लिए जनहित याचिका 16 साल से चल रही है, 2016 में इससे संबंध एक जनहित याचिका साहिबगंज में लोगों को पानी पहुंचाने के सरकार के आश्वासन के बाद निष्पादित कर दी गई थी । इसके बावजूद भी साहिबगंज के लोगों को पानी नहीं मिलने पर 2 साल बाद फिर से दूसरी जनहित याचिका हाई कोर्ट में दाखिल की गई. एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर कहा गया था कि साहिबगंज के जोन एक और जोन दो दोनों के लिए रेलवे से एनओसी की जरूरत है, जबकि रेलवे ने कहा कि सिर्फ जोन दो के लिए एनओसी की जरूरत थी. ऐसा गलत शपथ पत्र क्यों दाखिल किया गया? सोमवार को साहिबगंज में पाइपलाइन जलापूर्ति योजना के शीघ्र चालू करने को लेकर दायर सिद्धेश्वर मंडल की जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई की। प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव शर्मा एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश ने पक्ष रखा।
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