झारखंड राज्य दिशम गुरु के त्याग और संघर्ष का परिणाम : हेमलाल मुर्मू
संताल एक्सप्रेस प्रतिनिधि
पाकुड़। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, पद्म भूषण से सम्मानित एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को पाकुड़ शहर के पुराना डीसी कार्यालय के समीप उनकी प्रतिमा का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में अनावरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता तथा आमजन उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का शुभारंभ दिशोम गुरु की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा झारखंड राज्य के निर्माण, आदिवासी-मूलवासी समाज के उत्थान, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना और वंचित-शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके आजीवन संघर्ष एवं ऐतिहासिक योगदान को याद किया।इस अवसर पर लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी, उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, कांग्रेस प्रदेश महासचिव तनवीर आलम, झामुमो जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रतिमा अनावरण के बाद बाजार समिति परिसर में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें गठबंधन दलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।सभा को संबोधित करते हुए लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड की पहचान, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों तथा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि गुरुजी के विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे तथा झारखंड राज्य के निर्माण में उनका योगदान इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि दिशोम गुरु ने हमेशा जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ी तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि हम सभी उनके बताए मार्ग पर चलकर उनके सपनों के झारखंड के निर्माण का संकल्प लेते हैं।श्रद्धांजलि सभा को कांग्रेस प्रदेश महासचिव तनवीर आलम, राजद जिलाध्यक्ष महावीर मड़ैया सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने गुरुजी के संघर्षमय जीवन, उनके सिद्धांतों और जनहित के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने दिशोम गुरु के आदर्शों पर चलने तथा न्यायपूर्ण, समृद्ध और समावेशी झारखंड के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।


