दुमका। सोमवार को पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, झारखंड सरकार के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने समाहरणालय सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सख्त लहजे में योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध काम सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में संताल परगना प्रमंडल के चार जिलों दुमका, देवघर, पाकुड़ और जामताड़ा में चल रही पेयजल और स्वच्छता योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन जलापूर्ति योजनाओं की रफ्तार धीमी है, उनमें तेजी लाई जाए और तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा किया जाए। इसके साथ ही इन चारों जिलों में बन चुकी सभी जलापूर्ति योजनाओं को जल्द से जल्द चालू कर आम लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस और तरल कचरा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्राम स्तर पर योजनाओं का सही तरीके से संचालन हो और सभी संपत्तियां पूरी तरह से काम करें। गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने को प्राथमिकता देते हुए इसके लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह आंकड़ा सामने आया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस कचरा प्रबंधन का काम 38.9 प्रतिशत और तरल कचरा प्रबंधन का काम 91.78 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस पर मंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी ढांचे का निर्माण जल्द पूरा किया जाए और ज्यादा से ज्यादा गांवों को ओडीएफ प्लस (5 स्टार) की श्रेणी में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। फाइव स्टार श्रेणी के लिए प्रस्तावित गांवों का सत्यापन भी समयबद्ध तरीके से करने को कहा गया।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कड़े निर्देश दिए कि जो जलापूर्ति योजनाएं अधूरी हैं या निर्माण के बाद भी अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर चालू किया जाए। कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की नियमित और उच्चस्तरीय निगरानी करने का टास्क सौंपा गया।
काम में कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री ने साफ कहा कि वर्क ऑर्डर मिलने के बाद भी जो ठेकेदार तय समय पर योजनाओं को पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसी लापरवाह एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी तुरंत शुरू की जाए। इसके अलावा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए बनाए गए सभी प्लांटों को जल्द चालू कराने का भी निर्देश दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक उदय शंकर सिंह, विधायक देवेंद्र कुंवर, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), झारखंड की अभियान निदेशक रंजीता हेम्ब्रम, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान सहित चारों जिलों के कार्यपालक अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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