रेकी कर बनाते थे निशाना, फिर देते थे डकैती को अंजाम : सीडीपीओ नवल किशोर सिंह
डकैती, छिनतई और देवघर तक फैला नेटवर्क: दो गिरफ्तारी के बाद खुलने लगे कई राज
ब्यूरो
दुमका । तालझारी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डकैती कांड का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए 9-10 सदस्यीय सक्रिय लुटेरा गिरोह के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर डकैती में लूटे गए चांदी के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में दोनों ने न केवल तालझारी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि हंसडीहा और देवघर जिले में हुई अन्य घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूल की है। पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जरमुंडी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नवलकिशोर सिंह ने बताया कि हंसडीहा, तालझारी और सरैयाहाट थाना क्षेत्रों में हाल के दिनों में छिनतई तथा तालझारी थाना क्षेत्र में हुई हाउस डकैती की घटना के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया था। तकनीकी शाखा की सहायता से लगातार छापेमारी करते हुए पुलिस ने सरैयाहाट थाना क्षेत्र के डहुआ निवासी प्रदीप हाजरा और कोल्हड़िया निवासी संजय राय को गिरफ्तार किया।
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। उनकी निशानदेही पर डकैती में लूटे गए चांदी के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान में चांदी की एक बड़ी और एक छोटी पहुंची, एक चांदी की पायल तथा फूल लगा चांदी का लॉकेट सिकड़ी सहित शामिल है। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी 2026 को तालझारी थाना क्षेत्र के चंदनपहाड़ी सहारा गांव निवासी श्याम सुंदर साह के घर आठ से नौ हथियारबंद अपराधियों ने पिस्टल का भय दिखाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में तालझारी थाना कांड संख्या-10/2026 के तहत बीएनएस की धारा 310(2) में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जिसमें 9 से 10 युवक शामिल हैं। गिरोह पहले संभावित शिकार की रेकी करता है, उसके बाद लूट और छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देता है। प्रदीप हाजरा और संजय राय न केवल वारदात में सक्रिय भूमिका निभाते थे, बल्कि लाइनर के रूप में भी काम करते थे और घटना स्थल की पूरी जानकारी जुटाते थे। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हंसडीहा थाना क्षेत्र के नोनीहाट में एक ज्वेलरी दुकानदार से हुई छिनतई और देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र में हुई वारदात में भी अपनी तथा अपने साथियों की संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस इन मामलों में भी उनकी भूमिका की जांच कर रही है। सीडीपीओ के अनुसार संजय राय का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ सरैयाहाट थाना में आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं के तहत पहले से मामला दर्ज है। इसके अलावा हंसडीहा थाना में डकैती से संबंधित एक अन्य कांड भी उसके विरुद्ध दर्ज है। एसडीपीओ ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने में जरमुंडी एसडीपीओ नवलकिशोर सिंह, पुलिस निरीक्षक प्रियंका आनंद, तालझारी थाना प्रभारी संगम पाठक, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव, सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र यादव, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक नरेश कुमार महतो तथा तालझारी थाना के रिजर्व गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


