दुमका (बासुकीनाथ) । बासुकीनाथ नगर क्षेत्र का कचरा बेदिया गांव और श्रावणी मेला क्षेत्र में फेंके जाने के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिर बाहा क्लब, बेदिया के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने डंपिंग यार्ड के खिलाफ एक शांतिपूर्ण लेकिन बेहद मुखर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से इस संवेदनशील इलाके में कचरा गिराना तुरंत बंद करने की पुरजोर मांग की है।
पिछले साल का दर्द और खौफ आज भी ग्रामीणों के दिलों में जिंदा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते वर्ष इसी जगह पर लापरवाही से फेंके गए कचरे और प्रदूषण की वजह से पूरे गांव में डायरिया फैल गया था। इस महामारी की चपेट में आने से बेदिया गांव के चार मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उस भयानक हादसे के घाव आज भी हरे हैं और ग्रामीण अब भी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा दोबारा इसी जगह पर कचरा डंप करना लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेदिया गांव एक संवेदनशील अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यह पूरा इलाका विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला क्षेत्र से भी सीधे जुड़ा हुआ है। पवित्र मेला क्षेत्र और रिहायशी इलाके में खुलेआम कचरा फेंकने से न सिर्फ पर्यावरण बुरी तरह प्रदूषित हो रहा है, बल्कि घातक संक्रामक बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी आजीविका पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ग्रामीणों ने सुर में सुर मिलाकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि बेदिया गांव और मेला क्षेत्र में कचरा फेंकना तुरंत रोका जाए। इसके साथ ही कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की लिखित अनुमति के बिना भविष्य में इस क्षेत्र को कभी भी डंपिंग यार्ड नहीं बनने दिया जाएगा।
इस शांतिपूर्ण आंदोलन को धार देने में बिर बाहा क्लब के सचिव सुलेमान मराण्डी, कोषाध्यक्ष आनंद हेम्ब्रम, मनोज हेम्ब्रम, चमराबहियार पंचायत के मुखिया शिवलाल किस्कू, गोडेट राजेश हेम्ब्रम, जोग मांझी मंत्री टुडू, जानगुरु किस्कू, मुकेश किस्कू और अंथोनी मराण्डी ने मुख्य भूमिका निभाई।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


