पुरी । ओडिशा के पुरी में होने वाली विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। पिछले वर्ष हुई अव्यवस्था से सबक लेते हुए प्रशासन ने फैसला किया है कि मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य वीआईपी के साथ आने वाले समर्थकों को रथों के प्रतिबंधित घेरे (कॉर्डन क्षेत्र) में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे वे किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के साथ आए हों।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष बड़ी संख्या में वीआईपी समर्थकों, स्वयंसेवकों और अन्य लोगों के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच जाने से भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसके कारण भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने की परंपरागत प्रक्रिया में भी देरी हुई थी और प्रशासन को आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार कॉर्डन पासों की संख्या में भी बड़ी कटौती की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन वीआईपी को पास जारी किए गए हैं, उनसे भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने समर्थकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश दिलाने के लिए पुलिस पर कोई दबाव न बनाएं। बिना अधिकृत पास वाले किसी भी व्यक्ति को रथों के आसपास के सुरक्षा घेरे में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य रथों के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विशेष निकासी मार्ग, आतंकवाद-रोधी अभ्यास, ड्रोन निगरानी तथा अन्य आधुनिक सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस बार प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बिना किसी बाधा के रथ यात्रा का सफल आयोजन कराना है।
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