रांची । प्रसिद्ध उघोगपति नविन जिंदल ने यह घोषणा की है की उनकी कंपनी झारखंड के औद्योगिक विकास में अहम योगदान करेगी। उन्होंने कहा की स्टील, परमाणु उर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी सहित अन्य क्षेत्रों में 70 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। इसमें 40 हजार करोड़ स्टील क्षेत्र में निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा की इससे 11 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। आज झारखंड सरकार और जिंदल गु्रप के बीच जो एमओयू हुआ है उससे झारखंड को एक नयी दिशा मिलेगी।
जहां भी हम उघोग स्थापित करते हैं वहां शिक्षा, स्वस्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर होता है। उद्योग विभाग के अंतर्गत देश की अग्रणी कंपनियों के साथ ऐतिहासिक निवेश समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इनमें मुख्य रूप से मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड की ओर से 40,000 करोड़ और मेसर्स जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 30,000 करोड़ के निवेश समझौते शामिल हैं। ये विशाल निवेश झारखंड की विकास क्षमता और राज्य सरकार की नीतियों के प्रति निवेशकों के अटूट विश्वास को दर्शाते हैं। राज्य के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और शासन ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए तकनीकी दिग्गजों के साथ रणनीतिक साझेदारी की गई है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के तहत मेसर्स गूगल क्लाउड और वाधवानी ग्रुप के साथ प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे के विस्तार और ई-गवर्नेंस पहलों को बढ़ावा देने के लिए औपचारिक समझौते किए गए। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की समृद्ध विरासत और संभावनाओं को तलाशने के लिए अभिनव सहयोग की शुरुआत की गई है। इसके तहत मेसर्स टाटा मोटर्स के साथ माइनिंग टूरिज्म (खनन पर्यटन) को बढ़ावा देने के लिए और मेसर्स ईजमाईट्रिप प्लानर्स के साथ पर्यटन संवर्धन तथा आगंतुकों (पर्यटकों) तक व्यापक पहुंच बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है।


