मसलिया (दुमका)। मसलिया प्रखंड के सांपचला स्थित आईटीआई कॉलेज परिसर में दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र द्वारा संचालित आवासीय प्रशिक्षण संस्थान में शनिवार रात भोजन के बाद 21 प्रशिक्षु फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। घटना के बाद प्रशिक्षण केंद्र में अफरातफरी मच गई। सभी बीमार प्रशिक्षुओं को एंबुलेंस से मसलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पांच की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी प्रशिक्षुओं की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बीमार होने वालों में रीता कुमारी, टुम्पा गोराई, मोनिका कुमारी, निशा पाल, अर्पिता कुंडू, फूल कुमारी, मामुनी गोराई, संजू कुमारी, मिनोती मरांडी, बिनासुरी हांसदा, मंदिरा यादव, गुड़िया हांसदा, बाबली सोरेन, निशा हेम्ब्रम, ज्योति मुर्मू, ललिता बास्की समेत कुल 21 प्रशिक्षु शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण केंद्र में 128 प्रशिक्षुओं के भोजन की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया निवासी ठेकेदार बासु मांझी को दी गई है। रसोई में भीम मांझी और देवदास गोराई भोजन बनाते हैं। बताया गया कि भोजन के दौरान एक प्रशिक्षु की थाली में सब्जी के साथ छिपकली दिखाई दी। तब तक कई प्रशिक्षु खाना खा चुके थे और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
रसोइया देवदास गोराई ने बताया कि भोजन बनाते समय बिजली गुल थी। मोबाइल की रोशनी में खाना तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान संभवतः छिपकली सब्जी में गिर गई, जिसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकी।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे और बीमार बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया। रविवार सुबह उपमुखिया विश्वजीत राउत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर संचालकों से जवाब-तलब किया। ग्रामीणों ने केंद्र में कई अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि परिसर में चहारदीवारी नहीं है, सुरक्षा कर्मियों की कमी है, रात में शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं, प्रशिक्षु भय के माहौल में रहते हैं और प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है।
मामले की जांच के लिए पहुंचे जमशेदपुर की कोर टीम के सदस्य राहुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर वार्डन मंजू माया किस्कू, संजीव कुमार महतो तथा रसोइया भीम मांझी और देवदास गोराई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया भोजन में छिपकली गिरने की आशंका सामने आई है।
मसलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रशिक्षण केंद्र पहुंची और कई प्रशिक्षुओं का वहीं उपचार किया गया। अधिक संख्या में बीमार बच्चों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जबकि पांच गंभीर प्रशिक्षुओं को बेहतर इलाज के लिए दुमका रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षुओं की स्थिति में सुधार है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
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