मुंबई । हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि साल 2013 की हिट फिल्म जॉली एलएलबी में मुख्य भूमिका निभाने के बाद, इसके सीक्वल जॉली एलएलबी 2 में अक्षय कुमार को स्टार बनाने के पीछे उनका ही हाथ था। अरशद वारसी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में मुन्ना भाई सीरीज, सहर, इश्किया और जॉली एलएलबी जैसी फिल्मों से अपनी शानदार अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है। अरशद वारसी ने कहा कि उन्हें कभी इस बात का अफसोस नहीं हुआ कि वह हर फिल्म में लीड हीरो नहीं बने। उन्होंने बताया, जहां तक लीड रोल न करने की बात है, तो मेरे करियर के पहले दिन से ही मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। मुझे बस अपना काम करना पसंद है। मुझे अच्छी स्क्रिप्ट और अच्छे रोल पसंद हैं। बस इतना ही… अगर आप मेरे पूरे करियर का ग्राफ देखें, तो वह हमेशा ऐसा ही रहा है। उन्होंने आगे बताया कि अपने करियर में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों को ठुकराया, जिनमें उन्हें सोलो हीरो बनने का मौका मिल रहा था, क्योंकि उनकी प्राथमिकता हमेशा से दमदार भूमिकाएं रही हैं। जॉली एलएलबी 2 को लेकर अरशद ने बड़ा खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि जब फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुभाष कपूर इसके दूसरे भाग की तैयारी कर रहे थे और अक्षय कुमार इस रोल में दिलचस्पी दिखा रहे थे, तब उन्होंने खुद सुभाष कपूर को सलाह दी कि फिल्म अक्षय कुमार के साथ बनानी चाहिए। अरशद ने मेकर्स को समझाया और कहा, अगर मैं 500 लोगों को सिनेमाघर तक ला सकता हूं, तो अक्षय कुमार 5000 लोगों को लेकर आएंगे। उनकी मौजूदगी फिल्म के फ्रेम को और बड़ा बना देगी। उन्होंने गर्व से बताया कि वे उन लोगों में थे, जिन्होंने सुभाष कपूर को अक्षय कुमार के साथ फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। उनके लिए किसी फिल्म में लीड रोल निभाना कभी अहम नहीं रहा, बल्कि वह हमेशा असरदार और यादगार रोल्स को अधिक महत्व देते हैं। अपने शुरुआती दिनों की बात करते हुए अरशद ने कहा कि दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की तारीफ भरी बातें उनके जहन में बस गईं और उन्होंने हमेशा उन्हें माना। वे बताते हैं, यह बात नसीर साहब ने मुझसे कही थी।
उन्होंने कहा था कि मैं सर्किट का किरदार इसलिए इतने अच्छे से निभा पाया, क्योंकि संजय दत्त के सामने मेरा कोई ईगो नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर मैं खुद को हीरो से बड़ा समझता, तो सर्किट का रोल नहीं कर पाता। अरशद कहते हैं कि मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसी बड़ी सफलता के बाद भी उन्हें लंबे समय तक काम नहीं मिला। वह इस बात को नहीं पचा पा रहे थे कि फिल्म के ब्लॉकबस्टर होने के बाद भी क्यों उन्हें काम नहीं मिल पा रहा था। परेशान होकर उन्होंने निर्देशक राजकुमार हिरानी से भी पूछा था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। राजकुमार हिरानी ने जवाब दिया था कि समस्या यह नहीं थी कि उन्होंने अच्छा काम नहीं किया, बल्कि इंडस्ट्री यह तय नहीं कर पा रही थी कि उन्हें किस तरह की भूमिकाओं में फिट किया जाए, क्योंकि न वह पारंपरिक सोलो हीरो की छवि में फिट बैठते थे और न ही किसी तय ढांचे में।


