अमन ने काम के लिए 50 हजार देने को कहा था
रांची । रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने कई खुलासे किए। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन उर्फ गोलू और रोहित उर्फ सैफ अंसारी के साथ टुकटुक से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था। अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर लौट आए। सायन ने बताया कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन के नाम से कमरा बुक किया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सायन ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। अमन और वह बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था। दिसंबर 2025 में सायन की शादी हुई थी और वह सामान्य जीवन जी रहा था। सायन के मुताबिक अमन ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपए और इनाम भी मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है।
सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों ने खाना खाया। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए चला गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन के नाम पर एक कमरा बुक था। होटल संचालक ने एक हजार रुपए लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था। होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से चिली सास की खाली बोतल खरीदी। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली। सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ के मोबाइल से रेपिडो बुक की। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की।
रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। तीनों घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान अमन और सैफ ने कपड़े लिए और पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया।
सायन ने बताया कि आवेश राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर एक ट्रेन कानपुर जाती है। दोनों ने बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गए, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए।


