राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ी
10-12 मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ मंत्रियों के बाहर होने की चर्चा
नई दिल्ली । राज्यसभा चुनाव के नतीजों से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) या भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विभिन्न राजनीतिक और मीडिया हलकों में बड़े बदलावों की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगामी फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। खासकर पंजाब को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, जहां भाजपा संगठन को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रही है। इसी बीच सबसे अधिक चर्चा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नाम को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी से जुड़े राघव चड्ढा को केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में न तो राघव चड्ढा और न ही किसी राजनीतिक दल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसलिए फिलहाल इसे केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पंजाब से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तरुण चुघ और सुनील जाखड़ के नाम भी संभावित नए चेहरों में शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को भी टिकट नहीं मिलने से मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की अटकलों को बल मिला है।
मंत्रियों के विभाग बदलने की संभावना
रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि फेरबदल के दौरान 10 से 12 मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। कुछ मंत्रियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जबकि दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण नियुक्तियां होने की संभावना है। कर्नाटक भाजपा की कमान किसी केंद्रीय मंत्री को सौंपे जाने की भी चर्चा है, हालांकि इस संबंध में कोई नाम स्पष्ट नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद से राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर अटकलों का दौर और तेज हो गया है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल को लेकर अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री कार्यालय की घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


