◆प्रॉक्टर पद पर नई प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू,17 जून तक आवेदन मांगे गए
◆दिसम्बर 2025 में दो साल की अवधि अथवा सेवानिवृति तक के लिए डॉ.राजीव कुमार बनाए गए थे प्रॉक्टर
विशेष संवाददाता
दुमका । एसकेएमयू के कुलानुशासक(प्रॉक्टर) डॉ. राजीव कुमार पर लगे कई गंभीर आरोपों की लोक भवन से जांच के आदेश के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्टर के पद पर नई प्रतिनियुक्ति की प्रकिया शुरू कर दी है।प्रॉक्टर का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है और डॉ.राजीव कुमार की सेवा निवृति में अभी 7 माह की देरी है। इधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्टर की जिम्मेदारी सौंपने के लिए पात्र एवं इच्छुक शिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विश्वविद्यालय के नियमों एवं विनियमों के तहत प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर प्रॉक्टर का दायित्व सौंपा जाएगा।
इच्छुक एवं अनुभवी संकाय सदस्य 17 जून 2026 तक आवेदन दे सकते हैं। चयनित प्रॉक्टर को वर्तमान में उपलब्ध सुविधाओं के साथ यह जिम्मेदारी दी जाएगी।नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित तिथि तक आवेदन प्राप्त नहीं होते हैं तो विश्वविद्यालय अपने नियमों के अनुसार किसी योग्य व्यक्ति को प्रॉक्टर की जिम्मेदारी सौंप सकता है।यह अधिसूचना कुलपति के आदेश से 30 मई 2026 को जारी की गई है।बता दें कि 14 दिसम्बर 2025 को डॉ. राजीव कुमार को दूसरी बार प्रॉक्टर बनाया गया था।यह नियुक्ति दो वर्ष की अवधि अथवा उनकी सेवा निवृति(जो पहले हो) तक के लिए की गई थी।
डॉ. राजीव कुमार 31 दिसम्बर 2026 को सेवा निवृत्त होने वाले है।इस लिहाज से प्रॉक्टर के रूप में डॉ. राजीव कुमार का कार्यकाल भी 31 दिसम्बर तक है।डॉ. राजीव कुमार का कार्यकाल पूरा होने के 7 माह पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नए प्रॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया को डॉ. राजीव कुमार को पद से हटाने की तैयारी मानी जा रही है।डॉ. राजीव कुमार का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही नए प्रॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने पर विश्वविद्यालय का कोई भी अधिकारी खुल कर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।कुलसचिव डॉ.आर.आर.शर्मा ने पूछे जाने पर ‘संताल एक्सप्रेस’ को बताया कि प्रॉक्टर पद प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन प्राप्त करने का आदेश प्रभारी कुलपति ने दिया है,जिसका अनुपालन किया गया है।


