मानक जांच के बिना घर-घर पहुंचाया जा रहा पानी
सरैयाहाट। सरैयाहाट प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों दर्जनों आरओ प्लांट बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं।आरओ संचालकों द्वारा बिना किसी मानक जांच के गांव-गांव ऑटो के माध्यम से जार में पानी की आपूर्ति कर मोटी कमाई की जा रही है। इस अवैध कारोबार से लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार प्रखंड के शहरी क्षेत्र सरैयाहाट और हंसडीहा में कुकुरमुत्ते की तरह आरओ प्लांट खुल गए हैं। लोग अपने घरों में बोरिंग कराकर बिना लाइसेंस और बिना किसी मान्यता प्राप्त लैब जांच के पानी बेचने का कारोबार चला रहे हैं। यही पानी सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों, दुकानों, घरों तथा शादी-विवाह जैसे समारोहों में भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है विशेषज्ञों के अनुसार पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन सहित अन्य आवश्यक तत्व निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसे पानी के सेवन से कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। नियमों के मुताबिक किसी भी वाटर प्लांट के संचालन के लिए लाइसेंस के साथ नियमित रूप से साइड लेबोरेटरी द्वारा पानी की गुणवत्ता जांच कराना अनिवार्य है। इसके अलावा निजी लैब एवं प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की भी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन क्षेत्र में जार के माध्यम से पानी बेचने वाले अधिकांश आरओ प्लांट इन मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध रूप से संचालित आरओ प्लांटों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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प्रखंड क्षेत्र में संचालित सभी आरओ प्लांट की सूची तैयार कर जांच कराई जाएगी। साथ ही संबंधित विभाग की इसकी जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल कुमार शानू, सीओ सरैयाहाट


