रांची । बडग़ाई क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री के अधिवक्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल किए गए लिखित जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 मई की तारीख तय की है। इस मामले में जल्द ही आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इससे पहले, 5 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अदालत में डिस्चार्ज पिटीशन (आरोपमुक्ति याचिका) दाखिल कर खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया था और मामले से बरी करने की गुहार लगाई थी।
मुख्यमंत्री पक्ष का लगातार यह तर्क रहा है कि उन्हें एक राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया है। गौरतलब है कि इस जमीन घोटाले को लेकर ईडी ने झारखंड के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और लंबी जांच के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में कई जमीन कारोबारियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। याद दिला दें कि 31 जनवरी 2024 को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में, 28 जून 2024 को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी जेल से रिहाई हुई थी। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी, जिस पर कानूनी और राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हैं।


