रांची । केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा की सरकार कोयला क्षेत्र में आधुनिक, पारदर्शी एवं सतत विकास आधारित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। सीसीएल द्वारा सीएसआर के अंतर्गत संचालित यह केंद्र स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं जरूरतमंद वर्गों को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सराहनीय कार्य कर रहा है। वे गुरुवार को यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए यह बात कही।
जारंगडीह स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) परियोजना क्षेत्र का दौरा कर जारंगडीह परियोजना एवं संशोधित खदान बंद करने की योजना की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित एवं वैज्ञानिक खनन, पुनर्वास, स्थानीय जनकल्याण तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। इसके उपरांत माननीय मंत्री ने कथारा क्षेत्र स्थित सीसीएल के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का भ्रमण कर वहां संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्थानीय युवाओं से संवाद किया तथा प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके युवाओं को सर्टिफिकेट भी दिया। इसके बाद सीसीएल मुख्यालय में माननीय मंत्री के नेतृत्व में मंत्रालय के अधिकारियों, सीसीएल सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक(वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक(मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक(तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक(योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा एवं सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों तथा विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


