नई दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय अपनी महत्त्वाकांक्षी ‘पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया’ (पीएम श्री) योजना को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर इस योजना के कार्यान्वयन हेतु औपचारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया जाएगा।
यह कदम इन राज्यों में हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और प्रशासनिक बदलावों के बाद उठाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केंद्र इन राज्यों के साथ सहयोग को लेकर काफी आशान्वित है। अधिकारी के मुताबिक, हम पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को पत्र लिख रहे हैं। जहाँ तक केरल का सवाल है, वहां पहले ही समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके थे, लेकिन राज्य सरकार ने इसे फिलहाल रोकने का अनुरोध किया था। अब हम उनसे इस रोक को हटाने की अपील करेंगे। विपक्ष शासित इन तीनों राज्यों में केंद्र प्रायोजित इस योजना की रफ्तार अब तक धीमी रही है।
हालांकि, केंद्र सरकार देश भर के स्कूली शिक्षा ढांचे में सुधार के लिए इस प्रमुख कार्यक्रम के व्यापक क्रियान्वयन पर निरंतर जोर दे रही है। पीएम श्री योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप देश भर के 14,500 से अधिक सरकारी स्कूलों को मॉडल संस्थानों के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत मौजूदा सरकारी स्कूलों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर बुनियादी ढांचे, व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्रणालियों से लैस कर उन्हें भविष्य के स्कूलों के रूप में अपग्रेड किया जाना है। केंद्र की इस पहल का उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा वातावरण प्रदान करना है जो आधुनिक शिक्षा की चुनौतियों के अनुरूप हो।


