पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर निवासी और ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन (एआईआरटीयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने आठवें वेतन आयोग के लिए नौ बिंदुओं पर आधारित विस्तृत सुझाव ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत किए हैं। इन सुझावों में विशेष रूप से ट्रैक मेंटेनरों के वेतन, भत्तों, पदोन्नति और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
बुधवार को चांद मोहम्मद ने बताया कि यूनियन ने फिटमेंट फैक्टर में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की है। उन्होंने कहा कि फिटमेंट फैक्टर को न्यूनतम 3.83 निर्धारित किया जाना चाहिए, जिससे कि कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 70 हजार रुपये तक पहुंच सके। इसके साथ ही वार्षिक वेतन वृद्धि को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
यूनियन ने ट्रैक मेंटेनरों को मिलने वाले रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस को आर1एच1 श्रेणी में शामिल करने की मांग की है। साथ ही इसे मूल वेतन का 30 प्रतिशत किए जाने की भी मांग रखी गई है। उनका कहना है कि ट्रैक मेंटेनर अत्यंत कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, इसलिए उन्हें उचित आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
इसके अलावा अभियांत्रिकी विभाग के ट्रैक मेंटेनरों को लेवल-6 का लाभ देने और अन्य विभागों की तरह विभागीय परीक्षा (एलडीसीई) में भाग लेने का अवसर देने की मांग भी की गई है। यूनियन का कहना है कि इससे कर्मचारियों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे और कार्य के प्रति उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
सुझावों में रेल सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर मिलने वाली एक्स-ग्रेशिया राशि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की मांग शामिल है। साथ ही कैडर रिस्ट्रक्चरिंग में बदलाव कर प्रमोशन के अवसर बढ़ाने और ग्रुप-डी की सभी नई भर्तियों को ट्रैक मेंटेनर पद पर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
यूनियन ने ट्रैक मेंटेनरों के लिए संक्रमण भत्ता लागू करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को कार्य के दौरान गंदगी, धूल और संक्रमण के गंभीर खतरे के बीच काम करना पड़ता है, इसलिए उन्हें यह विशेष भत्ता मिलना चाहिए।
इसके अतिरिक्त साइकिल अनुरक्षण भत्ता को मोटरसाइकिल अनुरक्षण भत्ता में परिवर्तित करने और ड्रेस अलाउंस को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की गई है। यूनियन का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं है।
चांद मोहम्मद ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पेंशन कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और इसे बहाल किया जाना चाहिए ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि आठवें वेतन आयोग को सुझाव देने के लिए प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत विवरण मांगा गया था। यूनियन ने प्रयास किया है कि कर्मचारियों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को संक्षिप्त लेकिन प्रभावी रूप में आयोग के समक्ष रखा जाए, ताकि ट्रैक मेंटेनरों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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