शाहजहांपुर । उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान आत्मघाती कदम उठाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जलालाबाद थाना क्षेत्र के मगटोरा गांव के मजरेता में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रशासन की टीम एक मकान को चकरोड में बताते हुए उसे ध्वस्त करने के लिए जेसीबी लेकर पहुंची। टीम को देखते ही मकान स्वामी और उसके परिजनों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बाप-बेटे समेत परिवार के तीन सदस्यों ने घर के समीप एक पेड़ पर फंदा डालकर फांसी लगा ली। मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन दो लोगों को नीचे उतारकर बचा लिया, लेकिन तीसरे व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का हाल जाना और मामले की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले भी प्रशासन इस मकान को तोड़ने की कोशिश कर चुका था।
महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
इसी बीच, प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से भी एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। कटरी क्षेत्र के कुआं खेड़ा वजीर आलम गांव में 35 वर्षीय महिला चांदनी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। ससुराल पक्ष का दावा है कि वह लंबे समय से बीमारी से परेशान थी और इसी तनाव में उसने जान दे दी। घटना के समय मौजूद मृतका की छोटी बहन नीलम ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया और मायके पक्ष ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रदेश के इन दो अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और पारिवारिक तनाव के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दोनों ही मामलों की गहनता से जांच कर रही है।


