6 साल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा, हेमंत सोरेन ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सीएम ने बताई अपनी दूरदर्शिता
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में राज्य सरकार के छह वर्षों के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरा बताते हुए कहा कि झारखंड ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने स्पष्ट नीति और मजबूत नीयत के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि अगर नीयत और नीति सही हो, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। सीएम ने बताया कि वर्ष 2019 में राज्य का बजट लगभग 86 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन का परिणाम बताते हुए कहा कि नीति आयोग ने भी राज्य के प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 36 लाख लोगों को पेंशन योजना से जोड़ा गया है। 50 लाख से अधिक महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। महिलाओं और बच्चियों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ सहायता ही नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए माइक्रो एंटरप्राइज को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत 80 स्कूल शुरू किए गए। 100 और स्कूल विकसित किए जाएंगे। हर जिले में मेगा लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना है। नए इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। साथ ही छात्रों को विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से साझेदारी की योजना पर भी काम चल रहा है।
सीएम ने कहा कि झारखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए निवेश और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। झारखंड स्टेट इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड के गठन की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि यह बोर्ड उद्योग, इनोवेशन, ऊर्जा, स्किल और रोजगार जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देगा। वर्ष 2028 तक पांच प्रमुख स्थानों पर इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। सोलर पार्क, ग्रीन स्टील, हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में निवेश बढ़ाया जाएगा। आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को वैल्यू क्रिएशन और ग्रीन स्किल के जरिए वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी।
“दिशोम गुरु गुरुजी मेमोरियल” का निर्माण होगा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “दिशोम गुरु गुरुजी मेमोरियल” का निर्माण कराया जाएगा, जिसे एक एकीकृत आदिवासी सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित करीब 35 मेगालिथिक और मोनोलिथिक स्थलों को संरक्षित और विकसित किया जाएगा। इन स्थलों को जोड़कर फॉसिल पार्क और हेरिटेज टूरिज्म सर्किट तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में हेरिटेज टूरिज्म को अपग्रेड करना है। इसके लिए यूके सरकार के सहयोग से इन पुरातात्विक स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अंत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड ने हर मुश्किल का सामना किया है और आगे भी राज्य विकास के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए केंद्र के समक्ष मजबूती से खड़े रहेंगे और झारखंड को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।


