सदन में गूंजा संथाल परगना में खराब चापाकलों का मुद्दा, सरकार ने मानी समस्या गंभीर
रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के पहले सत्र में राज्यभर में खराब पड़े चापाकलों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक हेमलाल मुर्मू ने संथाल परगना, खासकर लिट्टीपाड़ा क्षेत्र की खराब स्थिति को सदन में रखते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि इलाके में लगातार गिरते जलस्तर के कारण अधिकांश चापाकल बेकार हो चुके हैं। ऐसे में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पेयजल कैसे उपलब्ध कराया जाएगा, यह एक गंभीर सवाल है।
उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना पेश करने की मांग की।मामले पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्थिति को गंभीर मानते हुए स्वीकार किया कि जल स्तर में गिरावट के कारण समस्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 69.916 चापाकल खराब पड़े हैं। जिनमें से केवल पाकुड़ जिले में ही 3,446 चापाकल शामिल है। मंत्री ने जानकारी दी कि 44,906 चापाकलों की साधारण मरम्मत के लिए स्वीकृति दे दी गई है और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है और जल्द ही लोगों को राहत देने की कोशिश की जाए।
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हिरणपुर में सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य केंद्र को लेकर विधानसभा में उठा मामला
रांची: हिरणपुर प्रखंड की बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के तहत गंभीर मुद्दा उठाया गया। विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि हिरणपुर विधानसभा क्षेत्र का सबसे घनी आबादी वाला प्रखंड है, लेकिन पिछले 17 वर्षों से यहां सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं हो सका है। साथ ही, यहां अब तक समुचित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। इससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। निर्माण और जांच के नाम पर लंबे समय से प्रक्रिया चलती रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि यह मामला वर्ष 2008 से जुड़ा हुआ है और इसमें पहले गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आई थीं, जिसकी जांच कराई गई थी। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने कार्रवाई की जर्जर भवन में अस्पताल चलने से खतरा था, इसे गंभीरता से लिया गया। अब नई रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पाकुड़ जिले के हिरणपुर में जल्द ही नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
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देवघर में खोरीडीह–डिग्रियां पहाड़ सड़क निर्माण की उठी मांग
रांची: सुरेश पासवान, विधायक देवघर, ने विधानसभा में अपने क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि खोरीडीह से डिग्रियां पहाड़ होते हुए डिग्रियां तक लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क आज़ादी के बाद से अब तक नहीं बन पाई है। यह सड़क देवघर प्रखंड के अंतर्गत आती है और स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि इस सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिल सके।
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जामा विधायक ने अनुमंडल अस्पताल निर्माण की उठाई मांग
रांची: डॉ. लुईस मरांडी, विधायक जामा, ने विधानसभा में अपने क्षेत्र के रामगढ़ प्रखंड के भतूरिया में अनुमंडल अस्पताल के निर्माण और संचालन की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अनुमंडल अस्पताल का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। अस्पताल बनने से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 114ए पर यात्रा करने वाले लोगों को भी आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि भतूरिया में जल्द से जल्द अनुमंडल अस्पताल का निर्माण और संचालन शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
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शिकारीपाड़ा विधायक आलोक सोरेन ने बैंक शाखा स्थानांतरण नहीं करने की मांग की
रांची: शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन ने सदन में मधुबन में स्थित इंडियन बैंक की एक शाखा को भुरकुंडा स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि बैंक प्रबंधन द्वारा शाखा को भुरकुंडा स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। बैंक में पांच पंचायत के ग्राहक है। भुरकुंडा दुमका प्रखंड के अंदर आता है।
जबकि यह क्षेत्र संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम के तहत आता है। इस अधिनियम के अनुसार, संबंधित भूमि का हस्तांतरण नियमों के तहत प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि मधुबन डैम क्षेत्र भी इसी अधिनियम के अंतर्गत आता है, जहां भूमि हस्तांतरण की अनुमति नहीं है। ऐसे में बैंक शाखा को स्थानांतरित करना नियमों के विरुद्ध होगा। विधायक आलोक कुमार सोरेन ने मांग की है कि
बैंक शाखा को अपने पूर्व स्थान पर ही यथावत रखा जाए और स्थानांतरण के निर्णय को वापस लिया जाए।


