महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पंचायत और वार्ड स्तर पर लगाए जाएँ विशेष कैम्प: अनीता चौधरी
शेखर सुमन
देवघर: देवघर सिविल कोर्ट की अधिवक्ता अनीता चौधरी ने कहा है कि महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार को जमीनी स्तर पर ठोस पहल करनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले के हर पंचायत और वार्ड में विशेष कैम्प आयोजित किए जाने चाहिए, जहाँ महिलाओं की समस्याओं को सीधे सुना और समझा जा सके।
उन्होंने कहा कि कई महिलाएँ शिक्षा, जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से पीछे रह जाती हैं। यदि प्रशासन गाँव-गाँव और वार्ड स्तर तक पहुँचकर महिलाओं से संवाद करेगा, तो उनकी जरूरतों और चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
अनीता चौधरी के अनुसार इन कैम्पों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही उन्हें कौशल प्रशिक्षण और स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार बिना देर किए इस दिशा में पहल करती है, तो महिलाएँ अपने ही राज्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगी और समाज में उनकी स्थिति और भी मजबूत होगी।
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सख्त ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना रहीं शक्ति स्क्वायड की महिला पुलिसकर्मी किरण कुमारी
देवघर। बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। कानून व्यवस्था जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी वे पूरी निष्ठा और साहस के साथ ड्यूटी निभा रही हैं। देवघर जिला पुलिस के शक्ति स्क्वायड में तैनात महिला पुलिसकर्मी किरण कुमारी भी ऐसी ही एक उदाहरण हैं, जो सख्त पुलिस ड्यूटी के साथ-साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों को भी समान रूप से निभा रही हैं। किरण कुमारी बताती हैं कि वह देवघर जिला के शक्ति स्क्वायड में तैनात हैं, जहां की ड्यूटी काफी सख्त और कानून व्यवस्था से जुड़ी होती है। ड्यूटी के दौरान उन्हें चोर और बदमाशों पर लगातार नजर रखनी पड़ती है। कई बार संदिग्ध लोगों से पूछताछ करनी पड़ती है और जरूरत पड़ने पर अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। वह कहती हैं कि पुलिस की नौकरी चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने परिवार के प्रति भी पूरी तरह सजग रहती हैं। बच्चों की देखभाल हो या सास-ससुर की सेवा, सभी जिम्मेदारियों को संतुलन के साथ निभाने की कोशिश करती हैं।
किरण कुमारी के अनुसार एक महिला के लिए कई भूमिकाएं निभाना आसान नहीं होता, लेकिन असंभव भी नहीं है। वह एक मां, बहू, पत्नी और एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी हैं, जिनका मुख्य लक्ष्य समाज की सेवा करना है। अंत में वह गर्व के साथ कहती हैं कि वर्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात है।
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महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अधिकार और सम्मान मिलना जरूरी: अधिवक्ता मीनाक्षी मुर्मू
देवघर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देवघर सिविल कोर्ट की अधिवक्ता मीनाक्षी मुर्मू ने महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है, लेकिन आधुनिक समय में उस सम्मान को व्यवहार में पूरी तरह लागू करने की जरूरत है। अधिवक्ता मीनाक्षी मुर्मू ने कहा कि हमारे शास्त्रों में यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता का उल्लेख मिलता है, जिसका अर्थ है कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। यह कथन हमारी संस्कृति में नारी के महत्व को दर्शाता है, लेकिन आज के दौर में यह भावना कई स्थानों पर कमजोर होती दिखती है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों पर गंभीरता से विचार करने का अवसर देता है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, कानून और समाज के हर क्षेत्र में बिना भेदभाव समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलना चाहिए।
मीनाक्षी मुर्मू ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में संघर्ष करते हुए आगे बढ़ रही हैं और सफलता भी प्राप्त कर रही हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। समाज को महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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गो संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में जुटी सामाजिक उद्यमी वीणा सिंह
देवघर। कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार तथा सामाजिक सेवा के माध्यम से ग्रामीण समाज में बदलाव लाने का प्रयास कर रहीं सामाजिक उद्यमी एवं कृषि-पशुपालन विशेषज्ञ वीणा सिंह पिछले कई वर्षों से किसानों और पशुपालकों के बीच सक्रिय हैं। मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती और गो संरक्षण को लेकर उनके अभियान ने झारखंड और बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक नई जागरूकता पैदा की है। दो लाख से अधिक पशुओं की सुरक्षा से जुड़ा उनका मिशन और हजारों किसानों को मृदा परीक्षण व जैविक खेती के लिए प्रेरित करने की पहल उल्लेखनीय मानी जा रही है। अपने अनुभव और कार्यों को लेकर उन्होंने विस्तार से बातचीत की।
प्रश्न : आपके सामाजिक और कृषि क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा कहां से मिली।
उत्तर : ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों की समस्याएं देखकर मुझे इस दिशा में काम करने की प्रेरणा मिली। कई बार देखा कि सही जानकारी के अभाव में किसान मिट्टी की क्षमता के अनुसार खेती नहीं कर पाते और पशुओं की उचित देखभाल भी नहीं हो पाती। इसी सोच के साथ वर्ष 2017 से समाज के वंचित वर्गों और ग्रामीण समुदाय के लिए काम शुरू किया।
प्रश्न : गो संरक्षण और पशु सुरक्षा अभियान के बारे में बताइए।
उत्तर : वर्ष 2021 से हमने पशु सुरक्षा एवं संरक्षण मिशन शुरू किया है। इसके तहत हर्बल फीड सप्लीमेंट के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और दूध उत्पादन में भी सुधार हो। इस अभियान से अब तक दो लाख से अधिक पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन में मदद मिली है। इसके साथ ही हजारों पशुपालकों और पशु चिकित्सकों को एक नेटवर्क से जोड़कर जानकारी और सेवाओं को सुलभ बनाया गया है।
प्रश्न : मृदा परीक्षण और जैविक खेती को लेकर आपकी पहल क्या रही है।
उत्तर : हमने एक सॉइल टेस्टिंग लैब स्थापित कर किसानों को उनकी मिट्टी की सेहत के अनुसार खेती करने की सलाह देना शुरू किया। अब तक दस हजार से अधिक किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर उचित खाद और फसल के बारे में जानकारी दी गई है। इसके अलावा झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जैविक खेती और जैविक कीटनाशकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया।
प्रश्न : सामाजिक क्षेत्र में आपकी अन्य गतिविधियां क्या रही हैं।
उत्तर : शुरुआती वर्षों में करियर काउंसलिंग के माध्यम से युवाओं को मार्गदर्शन देने का काम किया। साथ ही दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया। मेरा मानना है कि समाज के हर वर्ग को अवसर और सहयोग मिलना चाहिए।
प्रश्न : भविष्य की आपकी क्या योजनाएं हैं।
उत्तर : आने वाले समय में पशुपालन और जैविक कृषि को और व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की योजना है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान और पशुपालक वैज्ञानिक तरीके से खेती और पशुपालन करें, जिससे उनकी आय बढ़े और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। इसके साथ ही गो संरक्षण और पशु स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
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वार्ड 34 की वार्ड पार्षद सहिदा बीबी से खास बातचीत, महिलाओं की भागीदारी और विकास पर रखी अपनी बात
देवघर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देवघर नगर निगम के वार्ड संख्या 34 की पार्षद सहिदा बीबी से विशेष बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। शिक्षा, समाज सेवा और राजनीति में उनकी बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
सहिदा बीबी ने बताया कि महिलाओं के सशक्त होने से ही समाज और परिवार मजबूत बनता है।
प्रश्न : महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
सहिदा बीबी : आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समाज में नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
प्रश्न : आपके काम करने का तरीका क्या रहा है?
सहिदा बीबी : मेरा प्रयास रहता है कि लोगों की समस्याएं केवल सुनी ही न जाएं, बल्कि उनका समाधान भी हो। आम लोगों से सीधा संवाद रखकर उनकी जरूरतों के अनुसार काम करने की कोशिश की जाती है।
प्रश्न : महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर आपकी क्या सोच है?
सहिदा बीबी : महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे सशक्त बन सकें।


