नई दिल्ली । सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में जनवरी, 2026 में बेरोजगारी दर बढ़कर 5 प्रतिशत हो गई, जबकि दिसंबर, 2025 में यह 4.8 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने बताया कि यह वृद्धि मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई के बाद आई मौसमी सुस्ती और कुछ श्रमिकों द्वारा अस्थायी रूप से काम की तलाश न करने के कारण हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर दिसंबर के 3.9 प्रतिशत से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई। शहरी क्षेत्रों में यह 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई। एनएसओ ने कहा कि शहरी श्रम बाजार की स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रही।
पुरुषों में बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही, जबकि महिलाओं में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एनएसओ ने इसे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बताया, न कि श्रम बाजार की संरचनात्मक कमजोरी। जनवरी में कुल एलएफपीआर 55.9 प्रतिशत रही, ग्रामीण में 58.7 प्रतिशत और शहरी में 50.3 प्रतिशत। महिला एफएफपीआर जनवरी में 35.1 प्रतिशत रही, ग्रामीण में 39.7 फीसदी और शहरी में 25.5 फीसदी रही। कुल डब्ल्यूपीआर जनवरी में स्थिर रही। ग्रामीण क्षेत्र में यह 56.2 प्रतिशत, शहरी में 46.8 प्रतिशत। पुरुष और महिला डब्ल्यूपीआर में ग्रामीण क्षेत्रों में मामूली गिरावट, शहरी क्षेत्रों में स्थिरता रही। एनएसओ ने बताया कि यह आंकड़ा 3,73,158 व्यक्तियों से संकलित किया गया है। जनवरी, 2025 से पीएलएफएस की पद्धति में संशोधन के बाद अब मासिक और तिमाही अनुमान जारी किए जाते हैं।


