नागोया । यहां जारी एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया है। डिस्कस थ्रो में सुवर्णा राज ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं तीरंदाजी में स्वाति चौधरी को रजत पदक मिला है। महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ54 इवेंट में सुवर्णा ने 15.66 मीटर का शानदार थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने छह प्रयासों में से पांच में 15 मीटर का निशान पार किया, जिससे उनका स्वर्ण पदक पक्का हो गया। वहीं इस स्पर्धा में ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर थ्रो कर रजत पदक हासिल किया जबकि वियतनाम की थी न्गोक थ्यू गुयेन ने 14.65 मीटर के साथ ही तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता।
स्वर्ण विजेता सुवर्णा ने अब तक तीन एशियाई पेरा खेलों के साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की ओर से खेला है। वह अभी एफ54 डिस्कस थ्रो श्रेणी में एशिया में दूसरे नंबर पर हैं। गौरतलब है कि एफ54 क्लासिफिकेशन उन प्रतिस्पर्धियों के लिए है जिन्हें धड़ और निचले अंगों के काम करने में मुश्किलें आती है। इसलिए ये व्हीलचेयर पर बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं।
दूसरी ओर रजत विजेता स्वाति चौधरी ने महिलाओं की डब्ल्यू1 इंडिविजुअल तीरंदाजी में रजत पदक जीतकर अहम उपलब्धि हासिल की है। यह इस श्रेणी में भारत का पहला पदक है, जो स्वाति की असाधारण प्रतिभा और दृढ़ संकल्प को दिखाता है। फाइनल मुकाबले में स्वाति ने चीनी प्रतिद्वंद्वी मेंगकान सेन को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः 4-6 से हारकर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
डब्ल्यू1 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिन्हें चारों अंगों में गंभीर विकार होते हैं। सीमित वित्तीय संसाधनों और बड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रायल्स के लिए कम समर्थन के बावजूद, स्वाति ने लगातार विश्व स्तरीय प्रदर्शन कर अपने को साबित किया है।


