संताल एक्सप्रेस संवाददाता
साहिबगंज-झारखंड राज्य के साहिबगंज जिले में करोड़ रुपये के अवैध पत्थर खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुपुर्दगी के बाद साहिबगंज पहुंची केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की पांच सदस्यीय टीम तीन दिनों तक साहिबगंज के नींबू पहाड़,गदवा पहाड़,जब्त जहाज,जिला खनन कार्यालय, रेलवे लोडिंग साइट का गहन जांच के बाद शनिवार की सुबह लगभग नौ बजे रांची लौट गई.मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने न केवल नींबू पहाड़ क्षेत्र की विस्तृत जांच की, बल्कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए तालझारी प्रखंड स्थित गदवा पहाड़ के पत्थर खनन क्षेत्र को भी शामिल कर लिया. सूत्रों के अनुसार, नींबू पहाड़ में की गई जांच के दौरान सीबीआई ने करीब 100 करोड़ रुपये के अवैध पत्थर उत्खनन का प्रारंभिक आंकलन किया है. इससे पूर्व ईडी ने अपनी जांच में जिले में लगभग 1250 करोड़ रुपये के अवैध खनन का दावा किया था. ईडी की जांच के बाद झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई की एंट्री हुई थी. हालांकि राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.जहां सीबीआई जांच पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाते हुए अवैध खनन मामले की जांच जारी रखने का निर्देश दे दिया. अब सीबीआई इस मामले में अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर सकती है.जानकार बताते है कि जिले में अवैध खनन मामले को लेकर ईडी व सीबीआई की जांच को लेकर जिले का पत्थर व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तीन वर्षों से चल रही इस मामले से करोड़ो रुपया का वैध व्यवसाय भी प्रभावित हुई है.
बुधवार से शुक्रवार तक हुई जांच में क्या निकलकर सामने आया ये तो सीबीआई को ही पता है. पर इस बीच जिले के पत्थर व्यवसाय से जुड़े लोग अपने क्रशर व पत्थर खदान को बंद कर रखा था.पहले दिन टीम के नींबू पहाड़ जाने के दौरान इसका एहसास भी हुआ. रास्ते में पड़ने वाले सभी क्रशर बंद थी. बहरहाल सीबीआई और ईडी के चक्कर में साहिबगंज का पत्थर व्यवसाय पूरी तरह धराशाई हो गया.
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