धनबाद,)। कोयला नगरी धनबाद में इन दिनों बंदरों का आतंक शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या और खतरे का सबब बन गया है। बंदरों के अचानक और लगातार हमलों के कारण लोग दहशत में हैं और घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
ताज़ा जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 56 से अधिक लोग बंदरों के हमले का शिकार हो चुके हैं। हमले के शिकार होने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें चेहरे, हाथ और पैरों पर गहरी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बंदर गलियों, बाजारों और आवासीय इलाकों में झुंड बनाकर घूम रहे हैं और राहगीरों पर अचानक हमला कर रहे हैं। जिससे अफरा-तफरी का माहौल है।
स्थिति तब और भी अधिक गंभीर हो गई है जब इलाज से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई। शहर के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में एंटी-रेबीज वैक्सीन का स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो गया है। इसके कारण बंदरों के काटने से घायल हुए लोग इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन खत्म होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए सदर अस्पताल, धनबाद पहुंचने लगे हैं। इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने रविवार को बताया कि सदर अस्पताल में भी वैक्सीन की सीमित मात्रा ही उपलब्ध है। मरीजों की अप्रत्याशित रूप से बढ़ती संख्या के कारण अब सदर अस्पताल के स्टॉक पर भी भारी दबाव पड़ गया है।
दहशत में जी रहे स्थानीय लोगों ने अब जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बंदरों को पकड़ने के लिए शीघ्र अभियान चलाया जाए, अन्यथा हमलों की यह स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है।


