पांच वीरता पुरस्कार भी मिले, नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार भी रहे
चंडीगढ़ । पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के खिलाफ अपने ही बेटे की हत्या और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है। उनके साथ-साथ उनकी पत्नी, बेटी और बहू के खिलाफ भी साजिश में शामिल होने का मामला दर्ज किया है। 16 अक्टूबर की देर रात हरियाणा के पंचकूला में घर पर अकील की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। परिवार ने उनकी मौत की वजह दवाइयों की ओवरडोज बताया था, लेकिन पड़ोसी शमशुद्दीन ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि अकील की पत्नी और पिता के बीच अवैध संबंध थे, उसमें उनकी मां रजिया सुल्ताना भी शामिल थीं।
जानकारी के मुताबिक शमशुद्दीन ने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को शिकायत की, जिस के बाद पंचकूला एमडीसी थाना पुलिस ने मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, बहू व बेटी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 35 साल के अकील पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रेक्टिस करते थे। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। मौत के बाद अकील का 27 अगस्त का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहा है कि परिवार के लोग उसे मारने की साजिश रच रहे हैं। पिता-पत्नी के अवैध संबंधों का भी जिक्र किया। उसकी मां और बहन भी इस साजिश में शामिल हैं।
अकील की 16 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे पंचकूला में मौत हो गई। पुलिस को दिए गए बयान में परिवार के सदस्यों ने कहा कि अकील ने किसी दवा का सेवन किया था। परिवार के लोगों को वे बेसुध हालत में मिले। इसके बाद उपचार के लिए उन्हें अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों चेकअप के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा मूलरूप से यूपी में सहारनपुर जिले के हरडा गांव के रहने वाले हैं इसलिए परिवार ने उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के आईपीएस रहे हैं। उन्हें पांच वीरता पुरस्कार भी मिल चुके हैं। 2021 में पंजाब के डीजीपी पद से रिटायर होने के बाद मुस्तफा कांग्रेस में सक्रिय हो गए थे। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनकी काफी नजदीकियां रही। वे सिद्धू के सलाहकार भी रहे हैं। मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना कांग्रेस की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं। रजिया को कांग्रेस ने 2022 में भी अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन तब वह चुनाव हार गई थी। मुस्तफा की पुत्रवधू जैनब अख्तर को करीब 4 साल पहले पंजाब वक्फ बोर्ड का चेयरपर्सन भी बनाया गया था।


