प्रशांत ने भी लोगों में बनाई पैठ, इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने के चांस
पटना । बिहार में विधानसभा चुनाव का खुमार चढ़ रहा है। इस बार चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद जताई जा रही है। एक तरफ नीतीश कुमार की अगुआई में सत्तारूढ़ एनडीए है तो दूसरी तरफ तेजस्वी की लीडरशिप में महागठबंधन। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी अपनी छाप छोड़ रही है। इन सबके बीच सी-वोटर के एक सर्वे का नतीजा सामने आया है। ये नतीजे चौंकाने वाले हैं। इसके मुताबिक एक समय में सुशासन बाबू कहलाए जाने वाले सीएम नीतीश कुमार लोकप्रियता के मामले में पिछड़ गए हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बिहार की जनता की पहली पसंद बन गए हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर प्रदेश की राजनीति में हलचल लाने वाले प्रशांत किशोर हैं, जबकि नीतीश इस मामले में तीसरे पायदान पर हैं। चिराग पासवान और सम्राट चौधरी भी इस सूची में जगह बना चुके हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के लिए पहले फेज में 6 नवंबर को मतदान होना है। इसे देखते हुए चुनावी गतिविधियां अपने चरम पर हैं। गहमागहमी के बीच सी-वोटर के सर्वे के नतीजों ने दिलचस्पी और बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरा को लेकर कराए गए सर्वेक्षण में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। मौजूदा सीएम नीतीश कुमार लोकप्रियता के इंडेक्स में नीचे खिसक गए हैं, जबिक तेजस्वी यादव सीएम चेहरे के लिए जनता की पहली पसंद बन गए हैं।
इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि पहली बार लोकतांत्रिक चुनावी संग्राम में हिस्सा ले रहे प्रशांत किशोर ने भी लोगों के बीच अपनी गहरी पैठ बना ली है वह बिहार के लोगों की दूसरी पसंद बन गए हैं। बिहार में कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने का श्रेय हासिल करने वाले नीतीश इस मामले में तीसरे पायदान पर हैं। मतलब सुशासन बाबू लोकप्रियता के मामले में नीचे खिसक गए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राज्य की सियासत में गर्मी बढ़ रही है। नवीनतम ओपिनियन पोल के मुताबिक सीएम पद के लिए मतदाताओं की पहली पसंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव बने गए हैं। सर्वे में तेजस्वी को 36.5फीसदी लोगों का समर्थन मिला है, जबकि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के पक्ष में 23.2फीसदी, मौजूदा सीएम नीतीश कुमार को 15.9 फीसदी और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान को 8.8फीसदी समर्थन मिला है। यह परसेंटेज सर्वे में हिस्सा लेने वाले लोगों के आधार पर आया है। जब मतदाताओं से पूछा गया कि बिहार की समस्याओं का समाधान कौन कर सकता है, तो 36.5 फीसदी लोगों ने महागठबंधन पर भरोसा जताया, 34.3फीसदी ने एनडीए को, जबकि 12.8फीसदी ने जन सुराज और 9.4फीसदी ने कहा कि कोई भी हल नहीं कर सकता।
बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बिहार विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में आने की 40 फीसदी संभावना है। यह अनुमान सी-वोटर के एक जनमत सर्वेक्षण के नतीजों में सामने आया है। सर्वे के मुजाबिक राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन को सरकार बनाने की 38.3 फीसदी संभावना है। वहीं, बिहार की राजनीति में नई एंट्री करने वाले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को 13.3 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद के रूप में तीसरा स्थान दिया है।


