दुमका ब्यूरो
दुमका। पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संताल परगना के बैनर तले पिछड़ों को संवैधानिक हक और अधिकारों के तहत आरक्षण के जनक और मंडल आयोग के निर्माता व अध्यक्ष स्वर्गीय वी पी मंडल की 107 वी जयंती के अवसर पर पिछड़ा वर्ग सम्मेलन का भव्य आयोजन रविवार को शहर के सिद्धों कान्हू मुर्मू इंडोर स्टेडियम में किया गया। मौके पर सर्वप्रथम स्व० वी पी मंडल के चित्र पर माल्यार्पण एवम् पुष्पगुच्छ अर्पित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। मोर्चा के संरक्षक दिवाकर महतो ने मोर्चा के विगत वर्षों का संघर्ष और उपलब्धियों की लेखा जोखा प्रस्तुत कर असीम मंडल के महती योगदान को देखते हुए मोर्चा की और से पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। स्वागत वक्तव्य में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड गठन के पुर्व बिहार के समय पिछड़े वर्ग को 27 % आरक्षण मिलता था, परन्तु झारखंड अलग राज्य बनने के बाद की सरकार ने संविधान प्रदत्त अधिकारों में कटौती कर 14% कर दिया। पुनः रघुवर सरकार के द्वारा पिछड़ों को दो वर्गों में बांटकर ओबीसी 1 को आठ तथा ओबीसी 2 को छह प्रतिशत कर सांवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया।
अध्यक्ष असीम मंडल ने कहा कि अबिलंब झारखंड राज्य में जाति जनगणना कराकर जनसंख्या के आधार पर समुचित आरक्षण दिये जाने, पंचायत को ईकाई मानकर अनुसुचित क्षेत्र का निर्धारण कर पिछड़े जातियों मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद के अध्यक्ष पदों पर चुनाव लड़ने का अधिकार सुनिश्चित करने तक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी। सम्पूर्ण सभास्थल में जिसकी जितनी संख्या भारी,उनकी उतनी भागिदारी, वोट हमारे राज तुम्हारा नही चलेगा नहीं चलेगा जैसे गगनभेदी नारा गूंजता रहा।
प्रधान महासचिव डॉ अमरेन्द्र यादव ने कहा कि कोलेजियम पद्धति को समाप्त कर समाज के सभी वर्गों को न्यायपालिका में समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने, पिछड़ा वर्ग आयोग के अनुसंशा के आलोक में तत्काल पिछड़े वर्ग को 36% आरक्षण देने संबंधी लड़ाई जारी रहेगी,जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जायेगी लड़ाईं जारी रहेगी। अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने संबंधी मांगों पर ध्वनि मतों से समर्थन कर अविलंब मांगपत्र सभी स्तरों को भेजने की सहमति बनी। पिछड़े वर्गों को एकजुट होकर जाति जनगणना कराकर संख्याबल के अनुरूप आरक्षण लेने के लिए संघर्ष करना होगा।शिक्षाविद अनन्त लाल खिरहर ने स्व० वी पी मंडल के जीवन और पिछड़ों के लिए किये गये कार्यों को विस्तार से सभा के समक्ष प्रस्तुत किया। केन्द्रीय महासचिव रंजित जायसवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि निकाय एवम् पंचायत चुनाव व्यवस्था में त्रिपल टेस्ट कराकर चुनाव आरक्षण को सामंजित कर पिछड़ों को उचित हक देना होगा। महासचिव सीताराम मंडल ने कहा कि हमलोगों के पास गज भी है और हथोंड़ा भी है, आनेवाले समय में ईवीएम में चोट भी करेंगे और गज से नाप भी लेंगे।
महासचिव दयामय माजि ने कहा कि सृष्टि के समय जाति नहीं थी, वैज्ञानिक दृष्टि से भी एककोषी जीव से बहुकोषी जीव बने तो जाति व्यवस्था मनुवादी समाज की देन है, इस शोषण का खात्मा एकमात्र संविधान के तहत दिए गए आरक्षण को जनसंख्या के अनुसार लागू करने के बाद ही संभव है। अजित मांझी और बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष शिवनारायण दर्वे ने अपने वक्तव्य में समाज के बहुजन को वंचित कर सही गणतंत्र कभी भी सफल नहीं होने तथा आरक्षण की लड़ाई हर गांव गली तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त किया गया।कलाकार सुरेन्द्र यादव ने ओजस्वी संगीत से सभा में प्राण संचार किया।
मुख्य वक्ता के रूप में डा० हनीफ, अर्जुन पंडित, गौतम दर्वे, राम कुमार दर्वे, सुबल चन्द्र महतो, पुर्व मुखिया प्रमोद मंडल, भीम आर्मी के श्रवण कुमार, निरंजन दास, बिहारी यादव, पवित्र मंडल , जयकांत जायसवाल, अतुल्य पंजियारा, प्रेम यादव, अनिता दास, सीमा गोराय, शाहिना परवीन, सचिन कुशवाहा, अनुसुचित एकता मंच के जितेश दास, प्रमुख मरीक, जयदेव गोराय, राजेश रंजन यादव, अजय मंडल, नवनीत शेखर, सुधाकर मंडल, आसियाना खातुन, सवाना परवीन, गौरी देवी, अम्बिका देवी, अशोक मांझी, राजेन्द्र महतो, नारायण बैध, राजेन्द्र प्रसाद,भीम आर्मी के पवन कुमार, दिलीप दास ने अपने वक्तव्य में एकजुट होकर लंबी लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभी प्रखंड के प्रखंड ईकाई के सदस्यों के साथ साथ काफी सैकड़ो की संख्या में महिलाएं और पुरुष और ओबीसी समर्थक उपस्थित थीं।कार्यक्रम में केंद्रीय कमिटी के प्रदीप सिंह, प्रमोद पंडित, अशोक कुमार राउत, अशोक यादव, बिनोद यादव, धनंजय यादव, बिनोद यादव, सुबोध यादव भी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन संरक्षक दिवाकर महतो ने किया।
अवसर पर प्रमुख माँगो के समर्थन में ध्वनि मत से राजनीतिक पारित किया, जिसमें जातिगत जनगणना कराकर पिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुरूप सभी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा के आलोक में तत्काल नौकरियों में 36% आरक्षण देने की मांग की गई। जिला रोस्टर में दुमका सहित सात जिलों का नौकरियों में आरक्षण शून्य है, जबकि इन जिलों में पिछड़ों की आबादी 52% से ज्यादा है। इन जिलों में पिछड़ों को तत्काल सभी तरह के नौकरियों में 36% आरक्षण देने की मांग की गई एवं प्रत्येक प्रखण्ड एवं जिला मुख्यालयों में पिछड़े वर्ग के छात्र छात्राओं लिए होस्टल का निर्माण कराने की मांग की गई| प्रस्ताव में कहा गया कि पंचायत को इकाई मानकर अनुसूचित क्षेत्रों का निर्धारण करते हुए सभी एकल पदों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाय, ताकि पिछड़ा जातियों को भी मुखिया, प्रमुख एवं जिला परिषद् का अध्यक्ष बनने का मौका मिल सकें। ट्रिपल टेस्ट कराकर ही निकाय चुनाव कराया जाय एवं पिछडों को आरक्षण का लाभ मिल सके। प्रत्येक पंचायतों में हाई स्कूल और प्रखडों में डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाय।
न्यायपालिका में कॉलेजियम सिस्टम को समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के माध्यम से जजों की नियुक्ति करने की मांग की गई।


