दुमका। आदिवासी क्रांति सेना की ओर से पूरे उत्साह व हर्षोल्लास के साथ विश्व आदिवासी दिवस शुक्रवार को मनाया । एकेएस के द्वारा बिरसा मुंडा आउटडोर स्टेडियम में बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। तत्पश्चात शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर स्थित महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पोखरा चौक स्थित सिदो मुर्मू-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए श्री अमड़ा स्थित फूलो मुर्मू-झानो मुर्मू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।इस मौके पर एकेएस के अध्यक्ष मुकेश आरडीएक्स टुडू ने कहा कि आज का दिन हर आदिवासियों के लिए बड़ा ही गर्व का दिन है। आज आपस में बैठकर आदिवासी समाज के उत्थान व उनकी भाषा, धार्मिक, संस्कृति को इस बदलते हुए आधुनिकरण में कैसे संरक्षित किया जा सके इनके लिए चिंतन-मंथन करने का दिन है। उन्होंने शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की बात कही। साथ ही समाज में संगठित रहने की अपील की। मौके पर प्रेम हांसदा ने कहा कि आदिवासियों के लिए संविधान में निहित अधिकारों को जानने और समझने की जरूरत है। जानकारी के अभाव में आज भी आदिवासी समाज अपने मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों से वंचित है। सीमांत हांसदा ने कहा कि वर्तमान समय में आदिवासी समाज शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में तो आगे बढ़ रहा हैं लेकिन उनमें समाज के प्रति प्रेम घटता जा रहा है। इसलिए आज के दिन विशेष रूप से इन सभी विषयों पर गहनता से चिंतन-मंथन करने की आवश्यकता है, ताकि समय के साथ आदिवासी समाज भी विकास के राह पर अग्रसर हो सके।
मौके पर अनुज टुडू, लाइनदो मुर्मू, निलेश हांसदा, शिव शंकर सोरेन, मुन्ना मरांडी, सन्नी बेसरा, लवकिशोर टुडू, चंदू हेंब्रम, जॉन एमानुएल सोरेन, अजीत टुडू, ब्लेश, जुनाश, देवराज हांसदा, डेविड आदि मौजूद रहे।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


