महागामा : प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विश्वासखानी पंचायत के कालाडुमरिया के स्वर्णकार टोला में सड़क पर जमा गंदा पानी निकासी नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही मच्छर जनित रोगों का डर भी सता रही है। लेकिन साफ सफाई को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि का कोयी पहल नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कई महीनों से सड़क पर गंदा पानी जमा है जिससे पास के कई लोग बीमार भी हो गए। साफ सफाई का तो कोई पहल होते नही दिख रहा है। कही जाय तो बारिश का पानी जमा होने से महागामा प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों बीमारी जनित मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ने लगी हैं। वहीं विश्वासखानी पंचायत के काला डुमरिया गांव के स्वणरकार टोला में बारिश का पानी सालों साल तक निकासी नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है। जो महीनों तक रह जाता है। लेकिन इसका निदान अभी तक नहीं हो पाया है। जिस कारण आसपास के लोगों को महामारी होने का भी डर सता रही हैं। कही जाय तो महागामा प्रखंड क्षेत्र के कई गांव में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। जिस कारण मच्छर से बीमारी होने से लोगों में भय बना रही हैं। साथ ही सड़क दूषित पानी के बहाव से टोले की हालत पर जमा गंदा पानी से महामारी का भी भय लोगों में बनी हुई है। ग्रामीण लोगों का कहना है कि सड़क मार्ग पर सालों साल बारिश का पानी जमा होने से महामारी होने का डर भी लग रहा है साथ ही गंदा पानी से मच्छर जनित खतरनाक बीमारी होने का भी डर लग रहा है लेकिन इसका कोई निदान नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारी से बचाव एवं मच्छर का प्रकोप कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग समय पर डीडीटी छिड़काव नहीं करते है
और करते भी है सिर्फ खानापूर्ति के लिए कागजों पर सिमट कर रह जाती है। ग्रामीण ने मच्छर से बचाव एवं सड़क पर जमे गंदा पानी निकासी करने की मांग जिला प्रशासन से की है। गौरबतल हो कि क्षेत्र के गांव मुहल्ले मे गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। गंदगी से पनप रहे मच्छरों ने लने की डर सा बन रहा हैं। पानी भरे स्थानों पर मच्छरों की भरमार है। आलम यह है कि यह सब जगहों पर नियमित सफाई में भी कोताही बरती गई हैं। यहा नालियों के अभाव में जाम पड़ा हुआ है। यहां बदबू के साथ मच्छर भी पनप रहे हैं। प्रखंड क्षेत्र में भी इन दिनों मच्छर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकारी स्तर पर इसके निदान की व्यवस्था नहीं करने से लोगा परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डीडीटी का छिड़काव नही होने से मच्छर की बढ़ती संख्या का आलम है कि सिर्फ रात में ही नहीं, दिन में भी इसका प्रकोप जारी रहता है। वहीं संध्या होते ही लोगों का किसी स्थान पर बैठना मुश्किल हो जाता है। कहीं लोग मच्छर भगाने का अगरबती का उपयोग कर रहे है फिर भी इसका असर बरकरार है। जिसके कारण लोग विभिन्न प्रकार के मच्छर जनित बीमारियों का शिकार हो होने से डर लगता। हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक सरकारी स्तर से इस क्षेत्र में कोई निदान होते नही दिख रहा है लोगो ने जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी से नाली बन बाने की मांग कर रहे है।
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