महर्षि मेंहीं ट्रस्ट परिसर में आयोजित पाक्षिक घ्यानाभ्यास शिविर संपन्न
गोड्डा :: शारदीय नवरात्रा पर स्थानीय महर्षि मेंहीं ट्रस्ट परिसर में आयोजित पाक्षिक ध्यानाभ्यास शिविर सोमवार का विधिवत समापन किया गया। शिविर में पिछले 15 दिनों से पांच घंटे ध्यानाभ्यास व तीन बेला सत्संग का आयोजन किया गया। ध्यानाभ्यास शिविर का मार्गदर्शन कुप्पाघाट के संत सत्यप्रकाश बाबा कर रहे थे। प्रवचन के दौरान बाबा सत्यप्रकाश ने कहा कि ईश्वर का ध्यान करना, कीर्तन करना, सत्संग करना ही भक्ति हैं। ईश्वर की भक्ति करने से ही जीवन मात्र का कल्याण संभव है। ध्यानाभ्यास के नित अभ्यास से ईष्ट की सूरत दृष्टिगोचर होने लगती है। इष्ट की छवि पर ध्यान केन्द्रीय करने पर ही दिव्य प्रकाश का आभास होता है। ध्यान को टिकाने का अभ्यास से ही जीवात्मा का साक्षात्कार संभव है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है। इसे मुक्ति का धाम कहा जाता है। इस जन्म में भक्ति करने से ही परमात्मा की प्राप्ति होगी और जीव का उद्धार हो सकेगा। सभी धार्मिक ग्रंथ सत्संग करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा अन्य महात्मा ने भी बारी- बारी से विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन व अध्यक्षीय भाषण ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश मंडल ने दिया। कार्यक्रम के अंत में सौ से अधिक लोगों के बीच धोती- साड़ी व गमछी का वितरण किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के मंत्री रामजीवन मंडल, कोषाध्यक्ष जगदीश पंजियारा, व्यवस्थापक श्रवण मांझी, स्वामी बासुदेव बाबा, अशोक बाबा आदि अहम भूमिका निभाया।
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