आक्रोशित ग्रामीणों ने किया दुमका- भागलपुर मुख्य मार्ग को 3 घंटे तक जाम
दुमका । यातायात नियमों का पालन नहीं करने से दुमका जिले में आएं दिन सड़क हादसे में निर्दोष लोगों की जान जा रही है या वे गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं| जिले में सड़क हादसे एक गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। हर दिन अखबारों में इस तरह की खबरें आती रहती हैं, जिसमें किसी न किसी की जान चली जाती है। बुधवार को हुई एक ऐसी ही घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया, जिसमें एक महिला कार की चपेट में आने से अपनी जान गंवा बैठी। दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र अंतर्गत खसिया गांव में सुबह 5:00 बजे सुनीता देवी उम्र 50 वर्ष पति लीलाधर महतो अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी| इसी दौरान दुमका की ओर से आ रही तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार नंबर (BR06TC0184) की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत हो गई| ग्रामीणों ने बताया कि फार्च्यूनर कार के मालिक धनंजय कुमार सिंह खुद कार चला रहे थे और कार में कुल 4 व्यक्ति सवार थे| सभी भगलपुर की ओर जा रहे थे| इसी दौरान खसिया गांव में तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार रोड के दूसरी ओर स्थित एक सीमल के पेड़ से जा टकरा गयी और महिला को रौंदते हुए बगल में रखे बाँस के ढेर से जा टकराई| बांस के ढेर से टकराने के पश्चात कार वहीं रुक गयी| घटना की जानकारी मिलते ही आस पास के इलाके में सनसनी फैल गयी| महिला को तुरंत ही प्राथमिक उपचार के लिए फूलों झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल दुमका ले जाया गया| प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने महिला को बेहतर इलाज हेतु पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया| धनबाद जाने के क्रम में रास्ते में ही महिला की मृत्यु हो गयी। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने दुमका भागलपुर मुख्य मार्ग को 3 घंटो तक जाम कर दिया। जरमुंडी सीडीपीओ अमित कुमार कच्छप, जरमुंडी थाना इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल, सरैयाहाट थाना इंस्पेक्टर विष्णुदेव पासवान, हंसडीहा थाना प्रभारी प्रकाश कुमार सिंह, रामगढ़ थाना प्रभारी शशिकांत साहू, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार एवं सरैयाहाट थाना प्रभारी ताराचंद यादव एवं दुमका से आए जैप के जवानों द्वारा ग्रामीणों को काफी समझाने बुझाने के बाद जाम हटाया गया| मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की घटना से न केवल मृतक का परिवार बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। मृतक के परिवार के लिए यह एक बहुत बड़ा सदमा होता है। उन्हें इस दुख से उबरने में काफी समय लगता है। साथ ही, यह घटना समाज में भी खौफ का माहौल पैदा करती है।


