देवघर संताल एक्सप्रेस:-दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अन्तर्गत स्वीकृत लाभार्थियों को तृतीय किस्त का भुगतान विकास भवन के सभागार में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में आज कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस दौरान उपरोक्त के अलावे बीस सूत्री उपाध्यक्ष, उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईंयां सम्मान योजना के तहत तीसरे किस्त की राशि सुयोग्य लाभुकों के बीच भेजी जा रही है। इससे पूर्व अगस्त व सितम्बर माह में प्रथम व द्वितीय किस्त की राशि लाभुकों के खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। ऐसा हम सभी जानते हैं कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है,जिसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सालाना 12000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत हर महीने 1000 की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है। इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है,ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें और अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाने में सक्षम हो सके। आगे उपायुक्त ने योजना के तहत मिल रहे राशि के सदउपयोग करने की बात कही। साथ ही अपने बच्चों को पढ़ाई-लिखाई से जोड़ते हुए स्कूल अवश्य भेजें। राज्य सरकार बच्चों के बीच निःशुल्क साईकिल का वितरण किया जा रहा है,ताकि बच्चों को असुविधा न हो। इसके अलावे उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गयी कि सरकार द्वारा बच्चों के शिक्षा के प्रति पूरी सजगता कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत कुल पांच बार में 40000 रुपये तक आर्थिक सहायता सरकार की ओर से दी जाती है। यह सहायता वर्ग आठ से प्रारंभ होकर उनके 12वीं कक्षा में पहुंचने तक मिलती रहती है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में वर्ग आठ से 12वीं तक की प्रत्येक स्कूली छात्रा को कक्षा आठ में 2,500 हजार, नौवीं में 2,500, 10वीं में 5,000,11वीं में 5,000 और 12वीं में 5,000 रुपये की सहायता उनके बैंक खाते में दी जाती है।जब किशोरी की उम्र 18 की हो जाए और उसका मतदाता पहचान पत्र बन जाए तो उसे एकमुश्त 20,000 रुपये दिए जाते हैं,ताकि वो उस पैसे से आगे की पढ़ाई या कोई प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन सके। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आठवीं वर्ग से किशोरियों को पढ़ाई करने के लिए कई छोटी-छोटी आवश्यकता होती हैं। उन जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से यह योजना लाई गई है। अपने खाते में आए इस सरकारी सहायता का लाभ छात्राएं खूब उठा रही हैं। पढ़ाई की छोटी-मोटी जरूरत खाते में आए पैसे से पूरी हो जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि यह सहायता सरकार द्वारा स्कूलों को दी जा रही सहायता के अतिरिक्त है। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि दूरदराज के गांव की किशोरियां अब विद्यालय नियमित रूप से आ रही है।
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