भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा बनी जनसभा
सीता सोरेन और सुनील सोरेन ने बांग्लादेशी घुसपैठ पर घेरी सोरेन सरकार
ब्यूरो रिपोर्ट

दुमका। उपराजधानी दुमका में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस के खिलाफ जोरदार राजनीतिक शंखनाद किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया, जिससे शहर का सियासी पारा चढ़ गया। इस आंदोलन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोरेन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभयकांत प्रसाद और पूर्व विधायक सीता सोरेन समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। यज्ञ मैदान से शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वीर कुंवर सिंह चौक पर एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई।
जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लोकतंत्र प्रेम सिर्फ एक दिखावा और ढोंग है। जिस दल ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया, वह आज लोकतंत्र का रक्षक बनने का नाटक कर रहा है। झारखंड की गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार और लूट का बोलबाला है, जहां राज्य की खनिज संपदा को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब इस कुशासन और जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग का हिसाब मांग रही है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने सरकार पर जनता के विश्वास को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के विपरीत धरातल पर सिर्फ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अव्यवस्था का राज है। आदिवासियों और मूलवासियों के नाम पर सत्ता में आई यह सरकार उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि झारखंड की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता अब बदलाव के मूड में है।
पूर्व विधायक सीता सोरेन और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोरेन ने संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे पर सरकार को घेरा। सीता सोरेन ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और आदिवासी समाज की पहचान खतरे में है, लेकिन सरकार घुसपैठ जैसे गंभीर विषय पर चुप्पी साधे हुए है। सुनील सोरेन ने कहा कि संताल परगना आदिवासियों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमि है, इसे राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इस मौके पर सीताराम पाठक, रविकांत मिश्रा, पिंटू अग्रवाल, पारितोष सोरेन और सुरेश मुर्मू समेत हजारों की संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



