नई दिल्ली । कई लोग थकान या ज्यादा भूख लगने पर मीठी चीजें खाना पसंद करते हैं। लेकिन अगर आपको दिन में बार-बार मीठा खाने का मन करता है और बिना मीठा खाए मन नहीं मानता, तो इसे सिर्फ अपनी पसंद समझकर नजरअंदाज करना गलत हो सकता है। बार-बार मीठा खाने की इच्छा के पीछे कई बड़ी वजहें हो सकती हैं, जो आपके शरीर में किसी असंतुलन का संकेत हो सकती हैं। कई बार जब हम कई घंटों तक कुछ नहीं खाते हैं, तो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाली चीज खाने का मन करता है, ऐसे समय में मीठी चीजें सबसे आसान और त्वरित विकल्प लगती हैं। मीठा खाने से मिली ऊर्जा हालाँकि ज्यादा देर तक नहीं रहती और कुछ समय बाद फिर भूख लग सकती है, जिससे आप बार-बार मिठाई, बिस्कुट, चॉकलेट या मीठे पेय का सेवन करने लगते हैं। ऐसा करने से शरीर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी पहुँच सकती है और वजन बढ़ने की परेशानी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि बहुत लंबे समय तक खाली पेट न रहें और समय पर संतुलित खाना खाएं, ताकि शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहे। एक और बड़ा कारण है पोषक तत्वों की कमी।
कई बार हम पेट भरने के लिए खाना तो खा लेते हैं, लेकिन भोजन में शरीर के लिए जरूरी चीजें, जैसे दाल, दूध, दही, अंडे जैसी प्रोटीन वाली चीजें और सब्जियां, फल या साबुत अनाज कम होते हैं। प्रोटीन और फाइबर की कमी से पेट जल्दी खाली लगने लगता है और शरीर को संतुष्टि नहीं मिलती, जिससे बार-बार कुछ खाने और खासकर मीठा खाने की इच्छा होती है। इसलिए अपने रोज के खाने में दाल, सब्जियां, फल, साबुत अनाज और अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोटीन वाली चीजें जरूर शामिल करें ताकि शरीर को संपूर्ण पोषण मिल सके। अगर आप रोज पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो इसका सीधा असर आपकी खाने की आदत पर भी पड़ सकता है। कम सोने से दिनभर थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में शरीर जल्दी ऊर्जा देने वाली चीजें मांग सकता है और मीठा सबसे आसान विकल्प लगता है।
नींद की कमी से भूख और तृप्ति को नियंत्रित करने वाले हार्मोन भी प्रभावित होते हैं, जिससे मीठे की तलब बढ़ जाती है। अगर आपको अक्सर मीठा खाने का मन करता है, तो अपने सोने के समय पर भी ध्यान दें। रोज सही समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना इस आदत को कम करने में मदद कर सकता है। काम का दबाव, घर की परेशानी, उदासी या ज्यादा थकान होने पर कई लोगों का मन मीठा खाने का करता है। मीठा खाने के बाद कुछ देर के लिए अच्छा महसूस हो सकता है, क्योंकि यह दिमाग में डोपामाइन जैसे फील-गुड रसायनों को रिलीज करता है। यही वजह है कि कुछ लोग तनाव या उदासी में बार-बार मिठाई या चॉकलेट खाने लगते हैं।
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