काठमांडू । नेपाल के विनाशकारी बाढ़ का असर रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। बाढ़ से तीनों जिलों में 14,455 से अधिक बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन तीन जिलों के 63 स्कूल बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ के बाद अभी भी 396 विद्यार्थी और 21 शिक्षक लापता हैं, जबकि 20 विद्यार्थियों और दो शिक्षकों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा मौके पर किए गए अध्ययन के आधार पर तैयार शैक्षिक क्षति संबंधी रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित 63 स्कूलों में 50 सामुदायिक, 11 निजी और दो धार्मिक विद्यालय शामिल हैं। इन स्कूलों में कुल 14,455 विद्यार्थी पढ़ रहे थे। अधिकांश शैक्षणिक संस्थानों में अभी तक नियमित रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। बाढ़ ने 12 शैक्षणिक संस्थानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इनमें आठ सामुदायिक, तीन निजी और एक धार्मिक विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 11 स्कूलों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इनमें छह सामुदायिक, चार निजी और एक धार्मिक विद्यालय हैं। 25 स्कूलों को ‘होल्डिंग सेंटर’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इन केंद्रों में करीब 2,270 विस्थापित लोगों को रखा गया है। इसके कारण इन स्कूलों में भी फिलहाल पढ़ाई शुरू करना संभव नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, 15 स्कूल भवनों को सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन मानवीय क्षति और अन्य परिस्थितियों के कारण वहां भी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं हो पा रही हैं।
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता श्रीप्रसाद भट्टराई ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन से 23 शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 25 स्कूलों का इस्तेमाल विस्थापित नागरिकों के आश्रय स्थल के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में तत्काल पढ़ाई शुरू करने की स्थिति नहीं है। विस्थापितों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए स्थानीय निकायों के साथ समन्वय शुरू कर दिया गया है।
तीनों जिलों में सबसे ज्यादा शैक्षिक नुकसान नुवाकोट में हुआ है। यहां 11 स्कूल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 16 स्कूलों को होल्डिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक अन्य स्कूल में भवन को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन शिक्षक और विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के कारण पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार नुवाकोट में कुल 6,315 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।
इसी तरह धादिंग में आठ स्कूल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि दो स्कूलों को होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। चार अन्य स्कूल पढ़ाई के लिए तैयार हैं, लेकिन विद्यार्थियों के स्कूल नहीं पहुंचने के कारण वहां भी कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। धादिंग में इन सभी प्रभावित स्कूलों में कुल 5,066 विद्यार्थी अध्ययनरत थे।
रसुवा जिले में चार स्कूल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि सात स्कूलों में विस्थापित लोगों को रखा गया है। इसके अलावा 10 अन्य स्कूलों में भी विद्यार्थी नहीं पहुंच रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कुल मिलाकर रसुवा में 3,074 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है।
बाढ़ से हुई तबाही के बाद इन तीनों जिलों में शिक्षा व्यवस्था को सामान्य करने के लिए स्कूल भवनों की मरम्मत, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास और लापता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की तलाश अब बड़ी चुनौती बनी हुई है।


