चीन से आई तीन हजार टन वजनी टनल बोरिंग मशीन से खुदाई
7 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग का निर्माण 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
नई दिल्ली । देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत समुद्र के नीचे सुरंग बनाने का काम तेजी से चल रहा है। नवी मुंबई के सावली से विक्रोली के बीच समुद्र तल से करीब 114 मीटर नीचे सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 35 मंजिला इमारत के बराबर गहराई पर बन रही इस सुरंग के निर्माण में करीब 1,200 मजदूर और इंजीनियर जुटे हैं।
परियोजना के तहत समुद्र के अंदर सात किलोमीटर लंबी सुरंग खोदी जा रही है। इसके लिए मार्च में चीन से लाई गई करीब तीन हजार टन वजनी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का इस्तेमाल किया जा रहा है। सावली से शीलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। समुद्री सुरंग परियोजना में अब तक करीब 10 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई है।
इस सुरंग की खासियत यह है कि इसमें एक ही चौड़ी सुरंग के भीतर दोनों दिशाओं में बुलेट ट्रेनें चलेंगी। समुद्र के नीचे ट्रेन की गति 180 से 280 किलोमीटर प्रति घंटा और अन्य हिस्सों में अधिकतम 320 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की योजना है।
निर्माण के दौरान पानी का भारी दबाव और गीली मिट्टी बड़ी चुनौती हैं। इससे निपटने के लिए स्लरी बेस्ड मिक्स शील्ड टीबीएम तकनीक अपनाई जा रही है। सुरंग को मजबूती देने के लिए कंक्रीट रिंग सेगमेंट और वाटरप्रूफ सीलिंग भी लगाई जा रही है। समुद्री सुरंग का निर्माण 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। उधर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विगत दिवस बेंगलुरु स्थित बीईएमएल प्लांट में स्वदेशी बुलेट ट्रेन बी-28 का निरीक्षण किया। इसके अगस्त 2027 से ट्रायल की संभावना जताई गई है।




