◆ईसी रिन्यूअल और सीटीओ की अवधि को लेकर 77 पत्थर खदानें बंद
डॉ.सुमन सिंह
दुमका। पर्यावरण सहमति (ईसी) के रिन्यूअल में आ रही अड़चन और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) की अवधि समाप्त होने के कारण संताल परगना में पत्थर खनन कारोबार प्रभावित होने लगा है। प्रमंडल के छह जिलों में 372 खनन पट्टाधारी पत्थर खदानों में 77 खदानों में फिलहाल उत्पादन ठप है। यानी 20 प्रतिशत से अधिक खदानें अस्थायी रूप से बंद हैं। इसका सीधा असर पत्थर उत्पादन और इससे जुड़े कारोबार पर पड़ रहा है।
पत्थर खदानों और क्रशर यूनिट्स के लिए वन भूमि से निर्धारित दूरी को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इसके कारण इस दायरे में आने वाली पुरानी खदानों और क्रशर यूनिट्स के सीटीओ व लाइसेंस के रिन्यूअल में परेशानी हो रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वन भूमि से 400 मीटर के दायरे में स्थित पत्थर खदानों का सीटीओ रिन्यूअल फिलहाल नहीं हो पा रहा है। इसी तरह 500 मीटर के दायरे में आने वाली क्रशर यूनिट्स के लाइसेंस का रिन्यूअल भी तत्काल संभव नहीं हो रहा है। इससे पहले से संचालित कई खदानों और क्रशरों का संचालन प्रभावित हुआ है।
संताल परगना में बंद पत्थर खदानों की संख्या सबसे अधिक पाकुड़ जिले में है। यहां 120 चालू खदानों के मुकाबले 35 खदानें अस्थायी रूप से बंद हैं। साहिबगंज में 71 खदानें चालू हैं, जबकि 23 बंद हैं। दुमका में 70 खदानों में उत्पादन जारी है और 13 बंद हैं।
देवघर में 17 खदानें चालू और तीन बंद हैं। गोड्डा में 10 चालू और एक बंद है, जबकि जामताड़ा में सात चालू तथा दो खदानों में उत्पादन ठप है।
पत्थर खदानों के साथ क्रशर उद्योग भी प्रभावित है। संताल परगना में कुल 1018 लाइसेंसी क्रशर यूनिट्स हैं। इनमें 906 क्रशर चालू हैं, जबकि 112 क्रशर यूनिट्स के लाइसेंस विभिन्न कारणों से निलंबित हैं।
पाकुड़ में 246 लाइसेंसी क्रशरों में 56 बंद हैं। साहिबगंज में 398 में से 48 क्रशर निलंबित हैं। देवघर में 59 में चार तथा गोड्डा में 21 में एक क्रशर का लाइसेंस निलंबित है।
20 प्रतिशत से अधिक पत्थर खदानों में उत्पादन ठप होने से संताल परगना में पत्थर उत्पादन प्रभावित हुआ है। खनन से जुड़े परिवहन, क्रशर, मजदूरी और निर्माण सामग्री के कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। कारोबारियों का कहना है कि लंबे समय तक सीटीओ और लाइसेंस रिन्यूअल की समस्या बनी रहने पर इसका असर पूरे स्टोन इंडस्ट्री पर पड़ सकता है।
हाईकोर्ट में पीआईएल की सुनवाई आज
दुमका। झारखंड हाईकोर्ट में चल रहे पीआईएल आनंद कुमार बनाम झारखंड सरकार व अन्य मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इसके पूर्व 27 अगस्त को मामले की सुनवाई की थी, लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले को “पार्ट हर्ड” रखते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर 2026 को दोपहर 2:15 बजे सूचीबद्ध किया है।
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संताल परगना में पत्थर खदानों की स्थिति
जिला चालू बंद
देवघर 17 03
दुमका 70 13
गोड्डा 10 01
जामताड़ा 07 02
पाकुड़ 120 35
साहिबगंज 71 23
*फैक्ट फ़ाइल
– कुल पत्थर खदानें : 372
– चालू : 295
– अस्थायी रूप से बंद : 77
– कुल लाइसेंसी क्रशर : 1018
– चालू क्रशर : 906
– निलंबित क्रशर : 112


