● प्रो. डीएन गोराई ने कहा- गणित को कठिन मानने की पूर्वधारणा ही गणित-भय की बड़ी वजह
● पोस्टर, वर्किंग मॉडल, मैथ गेम, क्विज, सुडोकू और मैथ रेस में विद्यार्थियों ने लिया उत्साह से हिस्सा
● ‘करके सीखने’ की पद्धति से गणितीय अवधारणाओं को समझने पर दिया गया जोर
ब्यूरो
दुमका। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुमका में गुरुवार को गणित मेले का आयोजन किया गया। गणित के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, नवाचार और समस्या-समाधान क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित मेले में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यालय परिसर में गणितीय गतिविधियों और प्रयोगों से माहौल पूरी तरह जीवंत नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य नीरज आनंद ने किया। इस अवसर पर सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के पूर्व विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) डीएन गोराई विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
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गणित-भय को लेकर विद्यार्थियों से किया संवाद
अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) डीएन गोराई ने विद्यार्थियों को गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘मैथमेटिक्स फोबिया’ यानी गणित-भय की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि गणित को कठिन मानने की पूर्वधारणा और नियमित अभ्यास की कमी कई बार बच्चों में इस विषय के प्रति डर पैदा करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गणित को रटने के बजाय तर्क, प्रयोग और समझ के साथ सीखना चाहिए।
उन्होंने विभिन्न गणितीय अवधारणाओं को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए कहा कि गणित केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं है। विज्ञान, तकनीक से लेकर रोजमर्रा के जीवन में भी गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके संबोधन से विद्यार्थियों में गणित के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।
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मैथ गेम से सुडोकू तक, कई गतिविधियों ने खींचा ध्यान
गणित मेले में विद्यार्थियों के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं और गतिविधियां आयोजित की गयीं। इनमें पोस्टर मेकिंग, वर्किंग मॉडल, मैथ गेम स्टॉल, मैथमेटिक्स क्विज, सुडोकू चैंपियनशिप, मैथ रेस, मैथमेटिकल आर्ट और रियल-लाइफ मैथमेटिक्स प्रोजेक्ट प्रमुख रहे।
विद्यार्थियों ने गणितीय खेलों, कार्यशील मॉडलों और वास्तविक जीवन से जुड़े प्रोजेक्ट के माध्यम से अपनी समझ और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। अलग-अलग गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने मेले को खास बना दिया।
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‘करके सीखने’ पर रहा विशेष जोर
आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ‘लर्निंग बाई डूइंग’ यानी करके सीखने का अवसर देना था। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को गणितीय अवधारणाओं के व्यावहारिक इस्तेमाल को समझने का मौका मिला। साथ ही टीमवर्क, तार्किक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
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विजेता विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता और प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गणित शिक्षक सुबेंदु मंडल के अलावा अंकुर कुमार, अखिलेश कुमार समेत अन्य शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही।
गणित शिक्षक सुबेंदु मंडल ने कहा कि गतिविधि आधारित ऐसे आयोजन बच्चों के मन से गणित का डर दूर करने में मदद करते हैं। इससे विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक सोच भी मजबूत होती है।
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भविष्य में भी होंगे गतिविधि आधारित आयोजन
प्राचार्य नीरज आनंद ने विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) डीएन गोराई, विद्यार्थियों, शिक्षकों, निर्णायकों और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और पीएम श्री विद्यालय की अवधारणा के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और प्रयोग की भावना विकसित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे गतिविधि आधारित शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


