नई दिल्ली । देशभर में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। बिहार, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं से भारी तबाही मची है। जहां बिहार में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है, जिससे राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और आठ नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी नदियां उफान पर हैं। काशी में वरुणा नदी के किनारे बसे 407 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कुल 2,910 लोग विस्थापित हुए हैं।
जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए 36 नावें लगाई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के डीएम और मेयर से बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की है। फतेहपुर जिले में बीते 15 दिनों की लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में अब तक 67 मकान ढह गए हैं और बारिश संबंधी घटनाओं में तीन लोगों की जान गई है। सर्वाधिक नुकसान खागा तहसील में हुआ है, जहां 50 मकान तबाह हुए हैं। शहरी इलाकों में भी भीषण जलभराव है, जहां पंप लगाकर पानी निकालने का काम जारी है ताकि आवाजाही सामान्य हो सके। प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अब तक 11 परिवारों को सहायता राशि मिल चुकी है। वहीं पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी बुधवार रात हुई तेज बारिश के बाद भूस्खलन से 175 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कालका-शिमला फोरलेन पर भारी मलबा गिरने से कई वाहन रातभर फंसे रहे, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


