नई दिल्ली । देश की प्रमुख टायर निर्माता कंपनी जेके टायर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में टायरों की कीमतों में 4-5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती लागत और कंटेनर ढुलाई महंगी होने के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि तीसरी तिमाही में टायरों की कीमतों में 4-5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की योजना है। इससे पहले पहली तिमाही में कंपनी ने कीमतें 5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत बढ़ाई थीं। कंपनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कच्चे माल की लागत लगातार ऊंची बनी हुई है, जबकि सप्लाई चेन में बाधाओं और कंटेनर फ्रेट की बढ़ी हुई दरों से भी कंपनी पर लागत का दबाव पड़ रहा है। उनके अनुसार, दूसरी तिमाही में कच्चे माल की लागत पहली तिमाही के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत बढ़ गई। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कच्चे माल की कुल लागत में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी को तीसरी तिमाही में भी कच्चे माल की पूरी बास्केट की लागत में 4-5 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान है। लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी को बड़े रिम वाले टायरों की मांग में सुधार की उम्मीद है।
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