अध्ययन में खुलासा: पिछले 10 साल में 98 फीसदी एसआईपी अवधियों में मिला सकारात्मक रिटर्न
नई दिल्ली । सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। एडलवाइस म्युचुअल फंड के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा साझा किए गए एक विस्तृत विश्लेषण से पता चला है कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में वैश्विक बाजारों की तुलना में एसआईपी रिटर्न के मामले में असाधारण स्थिरता और सकारात्मकता का प्रदर्शन किया है। इस अध्ययन में भारतीय बाजार ने कई प्रमुख देशों को पीछे छोड़ दिया है। अधिकारी के विश्लेषण के अनुसार अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 तक की 120 अलग-अलग पांच साल की एसआईपी अवधियों के अध्ययन में, भारत में औसत एसआईपी रिटर्न 8.4 फीसदी रहा।
यह रिटर्न फ्रांस (7.1 फीसदी), ब्राजील (4.6 फीसदी), जर्मनी (4.1 फीसदी), दक्षिण कोरिया (3.0 फीसदी), चीन (2.9 फीसदी) और हांगकांग (2.2 फीसदी) जैसे कई देशों से बेहतर था। हालांकि, अमेरिका के नैस्डैक-100 (19.1 फीसदी) और एसएंडपी 500 (13.7 फीसदी) का प्रदर्शन भारत से आगे रहा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अध्ययन में सभी रिटर्न अमेरिकी डॉलर में मापे गए हैं। भारत की सबसे खास बात यह रही कि पांच साल की 98 फीसदी एसआईपी अवधियों में निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न मिला। इसके अलावा, 87 फीसदी अवधियों में सालाना रिटर्न 6 से 12 फीसदी के बीच रहा, जो भारतीय बाजार की मजबूत स्थिरता को दर्शाता है।
इसके विपरीत, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग जैसे बाजारों में लगभग एक-तिहाई एसआईपी अवधियों में निवेशकों को नुकसान हुआ, जो इन बाजारों में अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति को इंगित करता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में इस स्थिरता को रेखांकित करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि एसआईपी निवेश में अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन यह मुनाफे की गारंटी नहीं देता है और न ही नुकसान से बचाता है। उन्होंने सलाह दी कि बाजार का प्रदर्शन ही निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को काफी हद तक निर्धारित करता है। इसलिए, निवेशकों को सिर्फ एसआईपी के तरीके पर नहीं, बल्कि चुने गए फंड के प्रदर्शन, मौजूदा बाजार की स्थितियों और अपने वित्तीय लक्ष्यों पर भी गहनता से ध्यान देना चाहिए।


