नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए एक विशेष निर्णय लिया है। राज्य की रेखा गुप्ता सरकार ने महिला समृद्धि योजना के तहत हर माह 2500 रुपये तो देगी, लेकिन महिलाएं उसका एक हिस्सा ही बैंक खाते से निकाल सकेंगी। सरकार ने महिलाओं को योजना के तहत मिलने वाले पैसे का एक हिस्सा आरडी खाते में जमा करने का फैसला किया है। योजना की यह राशि एक निश्चित समय (लॉक इन पीरियड) के बाद ही निकाली जा सकेगी। वह लॉक इन पीरियड क्या होगा, कितनी रकम आरडी खाते में जमा होगी, इसका फैसला योजना लागू करने के लिए सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की बैठक में किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, योजना के लिए कुछ पात्रता मानदंड तय किए गए हैं। जैसे आवेदन करने वाली महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वह दिल्ली में अंत्योदय या बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से होनी चाहिए, जिसके पास खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी वैध राशन कार्ड हो। एक परिवार से केवल एक महिला को ही योजना का लाभ मिलेगा।
दिल्ली सरकार ने बीते 8 मार्च को महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दी थी। इसे उप-राज्यपाल की भी हरी झंडी मिल चुकी है। सूत्रों मुताबिक, योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को दी जाने वाली 2500 रुपये की मासिक सहायता में से एक हिस्सा सीधे उनके सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में भेजा जाएगा। इसे महिलाएं हर महीने निकाल सकेंगी, जबकि शेष राशि लाभार्थी के नाम पर एक आवर्ती जमा (रेकरिंग फिक्स्ड डिपॉजिट) खाते में जमा होगी। परिवार की सबसे बड़ी महिला योजना की पात्र होगी। महिला के परिवार के सभी बच्चों का टीकाकरण पूरा होना चाहिए या वे टीकाकरण कार्यक्रम का पालन कर रही हो। यदि ऐसा नहीं है, तो वह लाभ से वंचित रह सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में इस योजना का लाभ लगभग 17 लाख महिलाओं को मिलने का अनुमान है।


